Breaking
- Khairagarh Music University: छत्तीसगढ़ की लोककलाओं को वैश्विक पहचान दिलाने पर...
- Electric Bus Service Durg: नवंबर से दुर्ग-भिलाई में दौड़ेंगी 20 इलेक्ट्रिक बस...
- Orange Oakleaf Butterfly: छत्तीसगढ़ को मिलेगी पहली राजकीय तितली की पहचान, सूख...
- Mega Railway Terminal Chhattisgarh: नवा रायपुर में मेगा रेल टर्मिनल की चर्चा ...
- Raipur Digital Arrest Scam: NIA अधिकारी बनकर बुजुर्ग महिला को 5 दिन तक डराया,...
- Chhattisgarh Tourism Mission: 500 करोड़ की मिशन निधि से पर्यटन को मिलेगा बढ़ा...
- Raipur Water Supply: अशोक नगर-गोगांव में जलसंकट दूर करने की तैयारी, रेलवे क्र...
- CM Helpline News: छत्तीसगढ़ में 2 लाख शिकायतों पर मुख्य सचिव सख्त, भौतिक सत्य...
- Organic Bastar News: दंतेवाड़ा की 930 महिला किसानों को बड़ी उपलब्धि, इमली-महु...
- Homeopathy College Raipur: नवा रायपुर में खुलेगा छत्तीसगढ़ का पहला सरकारी होम...
युवती झारखंड से मुक्त: गढ़वा में 130 लोगों को बंधक बनाने का सनसनीखेज आरोप, वीडियो से खुला राज

RRT News- कांकेर/गढ़वा: छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले की एक साहसी युवती की मदद से एक बड़े बंधक कांड का पर्दाफाश हुआ है। दुर्गूकोंदल थाना क्षेत्र की रहने वाली विद्या भारती नरेटी को झारखंड के गढ़वा में बंधक बना लिया गया था। युवती ने सूझबूझ दिखाते हुए एक वीडियो बनाकर अपने परिजनों को भेजा, जिसमें उसने दावा किया कि वहां उसके साथ लगभग 30 लड़कियां और 100 लड़कों को अवैध रूप से बंधक बनाकर रखा गया है। इस वीडियो के सामने आते ही हड़कंप मच गया और परिजनों ने तुरंत पुलिस से गुहार लगाई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए कांकेर एसपी निखिल कुमार राखेचा ने तत्काल झारखंड के गढ़वा एसपी आशुतोष शेखर से संपर्क साधा और युवती की लोकेशन साझा की। छत्तीसगढ़ और झारखंड पुलिस के बीच हुए त्वरित समन्वय का नतीजा यह रहा कि गढ़वा पुलिस ने चिन्हित स्थान पर दबिश देकर विद्या भारती नरेटी को सकुशल मुक्त करा लिया। युवती ने वहां हो रहे शोषण और बड़ी संख्या में लोगों को कैद में रखे जाने की जो बात कही है, उसने अंतर्राज्यीय मानव तस्करी या बंधुआ मजदूरी के बड़े गिरोह की ओर इशारा किया है।
फिलहाल, पुलिस युवती को वापस कांकेर लाने की प्रक्रिया पूरी कर रही है और अन्य 130 लोगों की स्थिति की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन लोगों को किस बहाने से वहां लाया गया था और इस पूरे नेटवर्क के पीछे कौन लोग शामिल हैं। कांकेर पुलिस ने इसे दो राज्यों की पुलिस के बीच बेहतर तालमेल का उदाहरण बताया है, जिससे एक बड़ी अनहोनी को टालने में मदद मिली।







