गरियाबंद: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई है। जिले के मैनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत उड़ीसा सीमा से लगे घने जंगलों में हुई इस भिड़ंत के बाद नक्सली भारी पड़ता देख अपना राशन और दैनिक उपयोग का सामान छोड़कर भाग खड़े हुए। राहत की बात यह है कि इस मुठभेड़ में सभी जवान पूरी तरह सुरक्षित हैं और इलाके में सर्चिंग ऑपरेशन और तेज कर दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को सूचना मिली थी कि सीमावर्ती इलाकों में नक्सलियों की मौजूदगी है, जिसके बाद DRG (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) और STF (स्पेशल टास्क फोर्स) की संयुक्त टीम को गश्त पर रवाना किया गया था। जैसे ही जवान जंगल के भीतर पहुँचे, पहले से घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी तत्काल पोजिशन लेकर जवाबी कार्रवाई की, जिससे नक्सली बैकफुट पर आ गए।
मुठभेड़ स्थल का जायजा लेने पर सुरक्षाबलों को भारी मात्रा में नक्सली सामग्री बरामद हुई है। जब्त सामानों में टेंट, भारी मात्रा में सूखा राशन, दवाइयां, नक्सली साहित्य और दैनिक उपयोग की वस्तुएं शामिल हैं। अधिकारियों का मानना है कि नक्सलियों की एक बड़ी टुकड़ी यहाँ किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने के लिए जमा हुई थी, जिसे जवानों की मुस्तैदी ने नाकाम कर दिया।
गरियाबंद पुलिस अधीक्षक (SP) ने बताया कि मुठभेड़ के बाद आसपास के गांवों और जंगल के रास्तों को सील कर दिया गया है। ऐसी संभावना है कि कुछ नक्सलियों को गोलियां लगी हैं, जिसके निशान मौके पर मिले खून के धब्बों से स्पष्ट होते हैं। जवानों द्वारा जंगलों में लगातार पीछा किया जा रहा है ताकि उन्हें पकड़ा जा सके।
उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ महीनों में छत्तीसगढ़ के बस्तर और गरियाबंद जैसे इलाकों में सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के खिलाफ आक्रामक रणनीति अपनाई है। इस मुठभेड़ को सुरक्षाबलों की एक रणनीतिक जीत माना जा रहा है, क्योंकि इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में नक्सलियों के सप्लाई नेटवर्क और छिपने के ठिकानों को भारी नुकसान पहुँचा है।








