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चक्रवात 'अर्नब' की बारिश और तेज हवाओं के बीच 15 किमी पैदल चले स्कूली बच्चे, अधूरे स्कूल भवन को लेकर SDM-BEO दफ्तर का किया घेराव

शिक्षा के अधिकार और बेहतर भविष्य की उम्मीदें जब प्रशासनिक लाचारी से टकराती हैं, तो तस्वीरें कितनी विचलित करने वाली हो सकती हैं—इसकी एक बानगी छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले के आदिवासी विकासखंड मुख्यालय मैनपुर से सामने आई है। महाचक्रवात 'अर्नब' के असर से हो रही तेज बारिश और खराब मौसम के बीच ग्राम बोईरगांव के आश्रित ग्राम ठेमली के नन्हें स्कूली बच्चों और ग्रामीणों ने प्रशासन की उपेक्षा के खिलाफ अभूतपूर्व जुझारूपन दिखाया है।

छाते और रेनकोट पहनकर तय किया 15 किमी का सफर
अधूरे पड़े स्कूल भवन को जल्द पूरा कराने की मांग को लेकर छोटे-छोटे बच्चे रेनकोट और छाते के सहारे 15 किलोमीटर पैदल चलकर मैनपुर पहुंचे। इसके बाद बच्चों और ग्रामीणों ने बीईओ (BEO) दफ्तर का घेराव कर दिया। यहां अधिकारियों से आश्वासन मिलने के बाद बच्चों ने एसडीएम कार्यालय की ओर कूच किया, जहाँ भारी पुलिस बल भी मौजूद रहा। पालकों और जनप्रतिनिधियों के साथ कई दौर की बातचीत के बाद बच्चों ने घेराव तो समाप्त कर दिया, लेकिन चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्कूल भवन का निर्माण पूरा नहीं किया गया, तो वे शाला बहिष्कार करने को मजबूर होंगे।
एक कमरे में पढ़ने को मजबूर हैं 30 से ज्यादा बच्चे
जनपद सदस्य सुखचंद ध्रुव ने बताया कि जिस अतिरिक्त कक्ष के निर्माण के लिए पूर्ववर्ती सरकार द्वारा राशि स्वीकृत की गई थी और फंड का आहरण भी हो चुका है, वह काम आज तक अधूरा पड़ा है। प्रशासनिक उदासीनता के चलते ठेमली गांव के 30 से अधिक बच्चे एक ही छोटे से कमरे में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। पालकों का कहना है कि उन्होंने स्कूल भवन का निर्माण पूरा कराने की मांग को लेकर कई बार आवेदन दिए और प्रशासनिक चक्कर काटे, लेकिन नतीजा सिफर रहा। मजबूरी में नन्हें बच्चों को खराब मौसम में सड़कों पर उतरना पड़ा।






