केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा की मुक्तकंठ से प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आज भारत के आर्थिक और बुनियादी ढांचे के विकास का एक प्रमुख 'ग्रोथ इंजन' बनकर उभरा है। शेखावत ने जोर देकर कहा कि राज्य की खनिज संपदा, कृषि क्षमता और नवाचार अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ रहे हैं।
शेखावत ने उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ में डबल इंजन की सरकार होने का लाभ राज्य के दूरस्थ अंचलों तक पहुँच रहा है। सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी में हो रहे विस्तार ने न केवल व्यापार को सुगम बनाया है, बल्कि निवेश के नए द्वार भी खोले हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अब सिर्फ एक संसाधन संपन्न राज्य नहीं, बल्कि एक हब के रूप में विकसित हो रहा है जो देश की GDP में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए तैयार है।
केंद्रीय मंत्री ने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और पर्यटन क्षमता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बस्तर से लेकर सरगुजा तक फैली प्राकृतिक सुंदरता और जनजातीय कला-संस्कृति को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाई जा रही है। "शक्तिपीठ योजना" और धार्मिक पर्यटन के विकास से राज्य की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ पर्यटन के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा।
सामाजिक विकास के मोर्चे पर बोलते हुए शेखावत ने कहा कि राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाएं, विशेषकर 'महतारी वंदन योजना' और किसानों को दी जा रही सुविधाएं, अंत्योदय के लक्ष्य को पूरा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जब छत्तीसगढ़ के किसान और ग्रामीण समृद्ध होंगे, तभी भारत एक विकसित राष्ट्र बनेगा। केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास के लिए हर संभव वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
अपने संबोधन के अंत में श्री शेखावत ने राज्य की जनता को नए साल की शुभकामनाएं दीं और आह्वान किया कि विकास की इस गति को बनाए रखने के लिए जन-भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का आत्मविश्वास आज सातवें आसमान पर है और यह राज्य 'विकसित भारत @2047' के संकल्प को सिद्ध करने में अपनी निर्णायक भूमिका निभाएगा।








