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'डॉक्टर' बनने का सपना दिखाकर करोड़ों की चपत! बांटी फर्जी मेडिकल डिग्री, सरकारी नौकरी के नाम पर 'महाठगी' करने वाली लेडी डॉन गिरफ्तार

रायपुर: देश में सरकारी नौकरी और मेडिकल पेशे के प्रति युवाओं के आकर्षण का फायदा उठाकर करोड़ों की ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। इस गिरोह ने न केवल युवाओं को फर्जी मेडिकल डिग्रियां बांटी, बल्कि उन्हें सरकारी अस्पतालों में नौकरी लगवाने का सब्जबाग दिखाकर करोड़ों रुपये ऐंठ लिए। इस मामले में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुख्य महिला आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जो इस पूरे 'फेक डिग्री रैकेट' की अहम कड़ी मानी जा रही है।

जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि यह गिरोह बाकायदा एक संगठित सिंडिकेट की तरह काम कर रहा था। आरोपी महिला और उसके साथी भोले-भले युवाओं को निशाना बनाते थे और उन्हें प्रतिष्ठित संस्थानों की फर्जी मार्कशीट और सर्टिफिकेट थमा देते थे। इतना ही नहीं, गिरोह के तार कई राज्यों से जुड़े होने की आशंका है। आरोपियों ने तकनीकी रूप से इतने सटीक फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे कि पहली नजर में उन्हें पहचान पाना मुश्किल था, जिसके जाल में फंसकर सैकड़ों युवाओं ने अपनी जमा-पूंजी गंवा दी।
पीड़ितों की शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने सरकारी विभागों में ऊंची पहुंच होने का दावा किया था। नौकरी की लालच में कई परिवारों ने कर्ज लेकर इन ठगों को मोटी रकम दी। पुलिस ने छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में जाली मोहरें, लेटरहेड्स और फर्जी डिग्रियां बरामद की हैं। गिरफ्तार महिला आरोपी से पूछताछ में कई अन्य सफेदपोश नामों के सामने आने की संभावना है, जो इस करोड़ों के काले कारोबार को संरक्षण दे रहे थे।
फिलहाल, पुलिस ने आरोपी महिला को रिमांड पर लेकर गिरोह के मास्टरमाइंड की तलाश तेज कर दी है। इस घटना ने एक बार फिर युवाओं को सतर्क रहने की चेतावनी दी है कि वे बिना किसी आधिकारिक सत्यापन के नौकरी या डिग्री के लिए मोटी रकम न दें। पुलिस प्रशासन ने जनता से अपील की है कि यदि कोई और भी इस ठगी का शिकार हुआ है, तो वह निडर होकर सामने आए ताकि इस गिरोह की जड़ों को पूरी तरह से उखाड़ा जा सके।







