रायपुर। कभी बस्तर के जंगलों में नक्सली संगठन से जुड़ी रहीं कुछ पूर्व महिला नक्सलियों ने अब मुख्यधारा में लौटकर अपनी जिंदगी की नई शुरुआत की है। रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के कार्यक्रम में इन महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों और हथकरघा से तैयार कपड़ों में रैंप वॉक कर अपनी नई पहचान और बदली हुई जिंदगी की झलक पेश की।

कार्यक्रम में पूर्व महिला नक्सलियों को पारंपरिक परिधानों में रैंप पर देखकर दर्शकों ने तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया। कभी हिंसा और भय के माहौल से जुड़ी रहीं इन महिलाओं का यह बदला हुआ रूप लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। रैंप वॉक के जरिए उन्होंने यह संदेश भी दिया कि मुख्यधारा में लौटने के बाद नए अवसरों के साथ सम्मानजनक जीवन की शुरुआत की जा सकती है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी मौजूद रहे और उन्होंने पूर्व महिला नक्सलियों के रैंप वॉक का तालियों से उत्साहवर्धन किया। हथकरघा और पारंपरिक परिधानों से जुड़ी इस पहल ने पुनर्वास, आत्मनिर्भरता और सामाजिक मुख्यधारा से जुड़ने की दिशा में एक सकारात्मक संदेश दिया।







