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वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा, गिधवा-परसदा बनेगा देश का प्रमुख पक्षी संरक्षण केंद्र

बेमेतरा। प्रदेश के प्रसिद्ध प्रवासी पक्षी आश्रयस्थल गिधवा–परसदा क्षेत्र में मंगलवार को छत्तीसगढ़ के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर का लोकार्पण एवं बर्ड सफारी का शुभारंभ किया।

कार्यक्रम में हजारों ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और पर्यावरण प्रेमियों की उपस्थिति ने इस ऐतिहासिक क्षण को विशेष बना दिया। मंत्री कश्यप ने कहा कि गिधवा–परसदा पक्षियों के संवर्धन, संरक्षण और पर्यटन के क्षेत्र में देश में नया कीर्तिमान स्थापित करेगा। यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाएगा।
270 से अधिक प्रजातियों के देसी-विदेशी पक्षियों का प्रवास
मंत्री कश्यप ने बताया कि इस क्षेत्र में 270 से अधिक प्रजातियों के विदेशी व स्वदेशी पक्षी नियमित रूप से प्रवास करते हैं और स्थानीय जैव विविधता को समृद्ध बनाते हैं। दशकों से यह क्षेत्र साइबेरिया, यूरोप और मध्य एशिया से आए पक्षियों के लिए सुरक्षित प्राकृतिक आवास रहा है। उन्होंने कहा कि बर्ड इंटरप्रिटेशन सेंटर के माध्यम से पर्यटक अब पक्षियों के जीवन, व्यवहार, प्रवास चक्र और जैव विविधता को विज्ञानी दृष्टि से समझ सकेंगे।
भारत का सबसे बड़ा बर्ड-वाचिंग हब बनेगा
मंत्री कश्यप ने कहा कि क्षेत्रवासियों की संवेदनशीलता और भावनात्मक जुड़ाव के कारण यह इलाका देश का अनोखा वेटलैंड बन सका है। आने वाले समय में यह क्षेत्र भारत का सबसे बड़ा बर्ड-वॉचिंग हब बनेगा। कार्यक्रम में बेमेतरा विधायक दीपेश साहू, रजककार विकास बोर्ड अध्यक्ष प्रहलाद रजक, जनपद अध्यक्ष हेमा दिवाकर, जनपद अध्यक्ष खोरबाहरा राम साहू, जिला अध्यक्ष अजय साहू, पूर्व विधायक अवधेश चंदेल, एसडीएम नवागढ़ दिव्या पोटाई, जिला पंचायत सदस्य मधु राय, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख वी श्रीनिवास राव, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक अरुण पांडे, मुख्य वन संरक्षक दुर्ग सुश्री एम. मर्सी बेला आदि उपस्थित थे।
पर्यटन एवं रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
मंत्री कश्यप ने कहा कि बर्ड सफारी के संचालन से स्थानीय युवाओं को होम-स्टे, गाइडिंग, बोटिंग, ईको-टूरिज्म, लोकल उत्पाद बिक्री और ट्रांसपोर्ट सेवाओं के माध्यम से बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध होगा। उन्होंने बताया कि वेटलैंड क्षेत्र को और विकसित करने के लिए सोलर लाइटिंग, बर्ड वॉचिंग टावर, सूचना केंद्र, जैवविविधता अध्ययन केंद्र, पार्किंग स्थल और पर्यटक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
आज क्षेत्रवासियों का सपना साकार हुआ
इस अवसर पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि क्षेत्र के लोगों ने वर्षों पहले संकल्प लिया था कि किसी भी प्रवासी पक्षी को क्षति नहीं पहुंचानी है। इसी संकल्प ने गिधवा–परसदा को पक्षी विहार के रूप में विकसित कर दिया है। यह स्थल अब देश–विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करेगा। कार्यक्रम को साजा विधायक ईश्वर साहू व कलेक्टर रणबीर सिंह ने भी संबोधित किया।
प्रवासी पक्षियों हेतु आदर्श माना जाता है गिधवा–परसदा वेटलैंड
भारत का उभरता हुआ अंतरराष्ट्रीय बर्ड-वॉचिंग सर्किट गिधवा–परसदा वेटलैंड का भूगोल प्राकृतिक जलाशयों, विशाल आर्द्रभूमियों तथा शांत वातावरण से समृद्ध है, जो प्रवासी पक्षियों हेतु आदर्श माना जाता है। यहां हर वर्ष सितंबर से मार्च के मध्य बारहेड गूज, कामन टील, पिंटेल डक, नार्दर्न शवलर, ब्लैक-नेक्ड स्टार्क, पेंटेड स्टार्क, ओपनबिल्ड स्टार्क, सारस क्रेन सहित 270 प्रजातियों के पक्षी विचरण करने आते हैं।







