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ठेले-गुमटियों से लेकर बड़ी दुकानों तक फूड सेफ्टी टीम का छापा; जांच के लिए राजनांदगांव लैब भेजे गए खाद्य पदार्थों के सैंपल

Chhattisgarh RRT News Desk 13 June 2026

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कोरबा। छत्तीसगढ़ में आम उपभोक्ताओं की सेहत और शुद्ध खान-पान को लेकर शासन-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। इसी कड़ी में कोरबा जिले में मिलावटखोरों और बासी व अमानक खाद्य सामग्री बेचने वालों के खिलाफ खाद्य एवं सुरक्षा विभाग ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है। विभाग की एक विशेष जांच टीम ने शुक्रवार को कोरबा शहर के विभिन्न चिन्हित और व्यस्त व्यापारिक इलाकों में अचानक दबिश (छापेमारी) दी। इस औचक कार्रवाई से शहर के चाट-पकौड़े के ठेलों, गुमटियों और होटल-रेस्टोरेंट संचालकों में हड़कंप मच गया और कई दुकानदार आनन-फानन में अपनी दुकानें बंद करते नजर आए।

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मिली जानकारी के अनुसार, विभाग को पिछले कुछ समय से बाजार में अमानक और मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचे जाने की शिकायतें मिल रही थीं। इसी आधार पर सुरक्षा टीम ने शहर के प्रमुख सेंटर्स पर पहुंचकर फास्ट फूड (विशेषकर बर्गर), पैकेट बंद खाद्य सामग्रियां, सॉस, मसाले और अन्य रोजमर्रा के खाद्य पदार्थों के गहन निरीक्षण किए। टीम ने मौके से संदिग्ध और अमानक लग रहे कई खाद्य पदार्थों के सैंपल (नमूने) विधिवत सील किए। खाद्य अधिकारियों ने बताया कि इन सभी एकत्रित सैंपलों को विस्तृत रासायनिक और गुणवत्ता जांच के लिए राजनांदगांव स्थित राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला (लैब) भेज दिया गया है।

खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने सख्त लहजे में कहा है कि राजनांदगांव लैब से जांच रिपोर्ट आने के बाद जिन भी दुकानों या संस्थानों के सैंपल फेल या अमानक पाए जाएंगे, उनके संचालकों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम (FSSAI) के तहत कड़ी कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने सभी छोटे-बड़े खाद्य व्यवसायियों, होटल मालिकों और ठेला संचालकों को सख्त हिदायत दी है कि वे उपभोक्ताओं की सेहत के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ न करें। दुकानों में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और केवल गुणवत्तापूर्ण व ब्रांडेड सामग्रियों का ही उपयोग करें, अन्यथा भविष्य में भी ऐसी दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।

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