NV News- छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के स्थानीय बाजार चौक स्थित एक गुपचुप (पानीपूरी) कॉर्नर में ठेले का स्वाद चखना ग्रामीणों को बेहद भारी पड़ गया। ग्राम खण्डसरा के इस गुपचुप ठेले पर पानीपूरी खाने के बाद अचानक लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। देखते ही देखते कुल 8 लोग फूड पॉइजनिंग (खाद्य विषाक्तता) के शिकार हो गए। दूषित खाद्य पदार्थ के सेवन के बाद इन सभी मरीजों को आनन-फानन में नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उनका आपातकालीन इलाज जारी है।
उल्टी-दस्त और तेज बुखार की शिकायत, मासूम की हालत नाजुक
मिली जानकारी के अनुसार, बीते 16 और 17 मई को गुपचुप खाने के कुछ देर बाद ही लोगों को लगातार उल्टी, दस्त, तेज बुखार और पेट में असहनीय दर्द की शिकायत होने लगी। स्थिति बिगड़ती देख सभी 8 मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खण्डसरा में दाखिल कराया गया। बीमारों में एक 3 साल का मासूम बच्चा भी शामिल है, जिसकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टर उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। इस घटना के बाद से पीड़ित परिवारों और पूरे गांव में दहशत का माहौल है।
खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
गर्मी के इस मौसम में सामने आए फूड पॉइजनिंग के इस गंभीर मामले ने एक बार फिर बाजार में बिकने वाले स्ट्रीट फूड की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों में इस लापरवाही को लेकर भारी नाराजगी है। लोगों ने मांग की है कि क्षेत्र में खुलेआम बिक रहे दूषित और बासी खाद्य पदार्थों की जांच के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग को सख्त कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की जानलेवा घटनाओं को दोबारा होने से रोका जा सके।








