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विकास का नया युग! 291 किलोमीटर लंबी रेल परियोजना अधिसूचित, सीधे राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जुड़ेगा वनांचल

रायपुर, 13 जून 2026/ छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के इतिहास में आज का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। भारत सरकार के रेल मंत्रालय द्वारा धरमजयगढ़–पत्थलगांव–लोहरदगा नई रेल लाइन परियोजना को 'विशेष रेल परियोजना' के रूप में अधिसूचित कर दिया गया है। इस अधिसूचना के जारी होने के साथ ही जशपुर जिले को इतिहास में पहली बार सीधे भारतीय रेल नेटवर्क से जोड़ने का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो गया है। यह सिर्फ एक यातायात परियोजना नहीं है, बल्कि पूरे वनांचल क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक कायाकल्प की एक मजबूत आधारशिला साबित होगी।

यह महत्वाकांक्षी और ऐतिहासिक रेल लाइन लगभग 291.881 किलोमीटर लंबी होगी। यह परियोजना रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ से प्रारंभ होकर जशपुर जिले के पत्थलगांव ब्लॉक से गुजरते हुए सीधे पड़ोसी राज्य झारखंड के लोहरदगा स्टेशन तक पहुंचेगी। इस बड़े कदम से जशपुर जिला सीधे देश के मुख्य रेल नेटवर्क का हिस्सा बन जाएगा। यह अभूतपूर्व उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में विकसित की जा रही आधुनिक आधारभूत संरचना तथा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सतत एवं विशेष प्रयासों का सुखद परिणाम है। क्षेत्रवासियों द्वारा दशकों से उठाई जा रही रेल संपर्क की मांग अब धरातल पर उतरने के निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है। भारत के राजपत्र में प्रकाशित होते ही यह परियोजना आधिकारिक रूप से प्रभावशील हो गई है।
विकास की मुख्यधारा से जुड़ेगा समृद्ध वनांचल
प्राकृतिक संपदा, घने जंगलों और असीम संभावनाओं से भरपूर होने के बावजूद जशपुर जिला आजादी के बाद से अब तक रेल की सीटी सुनने को तरस रहा था। संपूर्ण परिवहन के लिए केवल सड़क मार्ग पर निर्भरता के कारण यहां के आम नागरिकों, उच्च शिक्षा के लिए बाहर जाने वाले विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों और गंभीर मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। नई रेल लाइन के बिछने से जिले की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव आएगा और लोगों को बेहद सुरक्षित, सुलभ और किफायती परिवहन की सौगात मिलेगी।
किसान, उद्यमी और पर्यटन क्षेत्र को मिलेगी नई उड़ान
रेल संपर्क स्थापित होने से जशपुर के प्रसिद्ध कृषि एवं उद्यानिकी उत्पादों जैसे जैविक चावल, सुगंधित धान, मक्का, ताजी सब्जियां और चाय-लीची जैसे बागवानी उत्पादों को देश के बड़े महानगरों के बाजारों तक पहुंचाना बेहद आसान और सस्ता हो जाएगा। परिवहन लागत आधी होने से स्थानीय लघु उद्योगों और महिला स्व-सहायता समूहों को व्यापार विस्तार के नए अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही जशपुर के खूबसूरत जलप्रपातों (Waterfalls), घने वनों और धार्मिक स्थलों तक देश-विदेश के पर्यटकों की पहुंच आसान होगी, जिससे स्थानीय स्तर पर होटल, गाइड और हस्तशिल्प कारोबारियों के लिए हजारों नए रोजगार सृजित होंगे।
दशकों के लंबे इंतजार के बाद जशपुर का भारतीय रेल मानचित्र पर स्थान सुनिश्चित होना जिले की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलने का सामर्थ्य रखता है। परियोजना की आधिकारिक घोषणा के बाद से ही जशपुर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में भारी उत्साह और जश्न का माहौल देखा जा रहा है।







