Breaking
- Mann Ki Baat 139th Episode: 'मन की बात' देश की लोकशक्ति की आराधना और 140 करोड...
- Cyclonic Storm Alert Chhattisgarh: चक्रवाती तूफान के असर से छत्तीसगढ़ में भार...
- Korba Bike Fire News: कोरबा में गैरेज में रिपेयरिंग के दौरान बाइक में लगी भीष...
- NMDC Free Ambulance Service Bastar: बस्तर के दुर्गम गांवों के मरीजों के लिए N...
- Chhattisgarh Tax Tech Summit 2026: दुर्ग में 'छत्तीसगढ़ टैक्स टेक समिट' का सफ...
- Chhattisgarh Hockey League 2026: न्यायधानी नाइट्स की लगातार तीसरी जीत, बैलाडी...
- Chhattisgarh Road Safety Action: छत्तीसगढ़ में वाहनों की सघन जांच का अभियान, ...
- Smriti Irani Raipur Visit: छत्तीसगढ़ की नई भाजपा प्रभारी स्मृति ईरानी का कार्...
- Chhattisgarh Dhan Kharidi Rules Changed: छत्तीसगढ़ में धान बेचने के नियमों मे...
- Chhattisgarh Teacher Leave Update: छत्तीसगढ़ के शिक्षकों-कर्मचारियों के लिए ब...
बड़ा हादसा: फिल्टर प्लांट के स्टोर रूम में भीषण आग, 1000 बोरी ब्लीचिंग पाउडर खाक, शहर में गहराया जल संकट

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ नगर निगम के फिल्टर प्लांट परिसर में स्थित स्टोर रूम में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि स्टोर में रखी लगभग एक हजार बोरी ब्लीचिंग पाउडर जलकर पूरी तरह खाक हो गई। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि, तब तक स्टोर रूम में रखा लाखों का सामान जल चुका था। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह माना जा रहा है, लेकिन ब्लीचिंग पाउडर जैसे रसायनों की मौजूदगी ने लपटों को और भी ज्यादा उग्र बना दिया।

इस अग्निकांड का सीधा असर शहर की बुनियादी सुविधाओं पर पड़ा है। ब्लीचिंग पाउडर का भंडार जल जाने और प्लांट के तकनीकी सिस्टम में आई बाधा के कारण दुर्ग के कई प्रमुख इलाकों में पेयजल आपूर्ति पूरी तरह प्रभावित हो गई है। नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, पानी के शुद्धिकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले पाउडर के खत्म होने से सप्लाई रोकना मजबूरी बन गया है। भीषण गर्मी के इस मौसम में अचानक हुई पानी की किल्लत ने शहरवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं।
फिलहाल, प्रशासन युद्धस्तर पर व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटा हुआ है। वैकल्पिक माध्यमों से ब्लीचिंग पाउडर मंगवाने की कोशिश की जा रही है ताकि जल्द से जल्द वाटर सप्लाई बहाल की जा सके। नगर निगम ने प्रभावित वार्डों में टैंकरों के जरिए पानी पहुंचाने का दावा किया है, लेकिन बड़े स्तर पर हो रही परेशानी को देखते हुए यह नाकाफी साबित हो रहा है। अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं ताकि भविष्य में फिल्टर प्लांट जैसे संवेदनशील स्थान पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा सकें।







