Breaking
- Ola Electric Notice in Chhattisgarh: ओला इलेक्ट्रिक के 3,000 वाहनों का पंजीयन...
- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रायपुर में नुआखाई महोत्सव के 'सेवा सम्मान पर्व' ...
- आपसी विवाद में खूनी संघर्ष, चाकूबाजी में एक युवक की मौत और दूसरा घायल, आरोपी ...
- Chhattisgarh Weather Update: छत्तीसगढ़ में लुढ़का पारा, अंबिकापुर में न्यूनतम...
- छत्तीसगढ़ के नगर सैनिकों को मिलने जा रहा बड़ा तोहफा, अब बढ़कर 30,870 रुपये हो...
- उद्घाटन से पहले ही रायपुर-विशाखापत्तनम भारतमाला हाईवे में पड़ी दरारें, गुणवत्...
- Mata Hasi Devi 200th Jayanti: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रायपुर में जारी कि...
- दीपावली से पहले मिठाइयों की दुकानों पर खाद्य विभाग का छापा, फ्रीजर बंद मिलने ...
- Courtesy Meeting: राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने मुख्यमंत्री वि...
- बस्तर के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में 12 दिन पहले शुरू हुआ सफारी सत्र, पर...
इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगी रफ्तार, शहर के प्रमुख स्थानों पर लगेंगे 25 से 30 फास्ट चार्जिंग स्टेशन

RRT News- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में पर्यावरण अनुकूल यातायात व्यवस्था (Eco-friendly Transport) को मजबूत करने और इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के चलन को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी कवायद शुरू हो गई है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'पीएम ई-ड्राइव' (PM E-Drive) योजना के तहत अब बिलासपुर के शहरी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन और चार्जिंग पाइंट स्थापित किए जाएंगे। इस संबंध में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग से आवश्यक दिशा-निर्देश मिलने के बाद, बिलासपुर नगर निगम प्रशासन ने शहर के भीतर उपयुक्त जमीनों को चिन्हित करने का काम तेजी से शुरू कर दिया है।

इस नई योजना के तहत बिलासपुर के प्रमुख और भारी भीड़भाड़ वाले व्यावसायिक व सार्वजनिक स्थानों पर लगभग 25 से 30 अत्याधुनिक फास्ट चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए शहर के मुख्य चौराहों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन के पास, प्रमुख बाजारों और सरकारी कार्यालयों के परिसर जैसी जमीनों को प्राथमिकता दी जा रही है। इन फास्ट चार्जिंग स्टेशनों के बन जाने से दोपहिया, तिपहिया और चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को बीच सफर में चार्जिंग खत्म होने की चिंता से मुक्ति मिलेगी और वे बेहद कम समय में अपने वाहनों को चार्ज कर सकेंगे।
नगर निगम और जिला प्रशासन का मानना है कि चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होने से स्थानीय नागरिकों का रुझान पेट्रोल-डीजल वाहनों को छोड़ इलेक्ट्रिक वाहनों की ओर तेजी से बढ़ेगा। इससे न केवल शहर के बढ़ते वायु और ध्वनि प्रदूषण पर लगाम लगेगी, बल्कि लोगों की ईंधन पर होने वाली जेब ढीली भी बचेगी। अधिकारियों के अनुसार, जमीनों का चिन्हांकन पूरा होते ही जल्द ही टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि इस ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट को तय समय सीमा के भीतर धरातल पर उतारा जा सके और बिलासपुर को एक आधुनिक 'स्मार्ट और ग्रीन सिटी' के रूप में विकसित किया जा सके।







