छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से मानवता और बहादुरी की एक प्रेरक तस्वीर सामने आई है। यहाँ की शिवनाथ नदी के बड़े पुल से एक युवती ने मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या करने के इरादे से नदी में छलांग लगा दी। हालांकि, मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने बिना एक पल की देरी किए खुद भी नदी में छलांग लगा दी और डूब रही युवती को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। पुलिस की इस तत्परता ने एक घर का चिराग बुझने से बचा लिया।
जानकारी के अनुसार, युवती पुल पर काफी देर से परेशान हालत में घूम रही थी। इससे पहले कि वहां मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उसने अचानक नदी में छलांग लगा दी। वहां ड्यूटी पर तैनात और गश्त कर रहे पुलिस जवानों ने जैसे ही यह देखा, उन्होंने अपनी वर्दी और जान की परवाह न करते हुए उफनती नदी में गोता लगा दिया। कड़ी मशक्कत के बाद युवती को पानी से बाहर निकाला गया और प्राथमिक उपचार दिया गया।
जांच में पता चला है कि युवती पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव (Mental Stress) से जूझ रही थी, जिसके कारण उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। पुलिस ने युवती की काउंसलिंग की और उसके परिजनों को सूचना देकर सुरक्षित उनके सुपुर्द कर दिया। परिजनों ने पुलिसकर्मियों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें 'देवदूत' बताया। पुलिस की इस जांबाजी की सोशल मीडिया पर भी जमकर तारीफ हो रही है।
दुर्ग पुलिस प्रशासन ने इस साहसी कार्य के लिए संबंधित पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत करने की घोषणा की है। पुलिस विभाग का कहना है कि संकट के समय नागरिकों की रक्षा करना ही उनका सर्वोपरि कर्तव्य है। इस घटना ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि समय पर मिली मदद और सतर्कता किसी की भी जिंदगी बदल सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता जरूरी है। अगर आपके आसपास कोई व्यक्ति तनाव में दिखे, तो उससे बात करें और उसे पेशेवर मदद लेने के लिए प्रेरित करें। फिलहाल, युवती सुरक्षित है और उसका उपचार जारी है।








