छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अवैध अफीम की खेती के सनसनीखेज खुलासे ने पूरे प्रशासनिक महकमे की नींद उड़ा दी है। इस मामले में मुख्यमंत्री की कड़ी नाराजगी के बाद कार्रवाई की गाज गिरनी शुरू हो गई है। कर्तव्य में घोर लापरवाही बरतने के आरोप में संबंधित ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि राज्य में नशे के अवैध कारोबार को संरक्षण देने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
यह मामला तब तूल पकड़ा जब दुर्ग के ग्रामीण इलाकों में अवैध रूप से अफीम की लहलहाती फसल मिली। इस चूक के लिए स्थानीय राजस्व अमले को जिम्मेदार ठहराते हुए पटवारी और सर्वेयर को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन यह जांच कर रहा है कि आखिर गिरदावरी (फसल निरीक्षण) के दौरान इतनी बड़ी अवैध खेती अधिकारियों की नजरों से कैसे छिपी रही। क्या यह महज लापरवाही थी या इसके पीछे कोई गहरी मिलीभगत है, इसकी तहकीकात जारी है।
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने इस प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर से पूरे दुर्ग जिले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। सीएम ने निर्देश दिए हैं कि केवल मैदानी अमले पर ही नहीं, बल्कि उन वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाए जिनकी निगरानी में यह क्षेत्र आता है। इस आदेश के बाद अब दुर्ग पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें जिले के अन्य संदिग्ध खेतों और सुदूर अंचलों में ड्रोन के जरिए सघन सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
दुर्ग के इस अफीम कांड ने प्रदेश की सुरक्षा और निगरानी तंत्र पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्तमान में जब्त की गई फसल को नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और संबंधित भू-स्वामियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी है। प्रशासन अब सैटेलाइट डेटा का उपयोग कर रहा है ताकि फसल पैटर्न में किसी भी संदिग्ध बदलाव को तुरंत पकड़ा जा सके। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां और बड़े निलंबन होने की पूरी संभावना है।








