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Durg Crime News: आत्मानंद स्कूलों में फर्जी नियुक्ति का भंडाफोड़, प्राचार्य की सूझबूझ से पकड़ा गया बड़ा खेल

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से सरकारी नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिले के 11 स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूलों (SEGES) में शिक्षकों के पद पर फर्जी नियुक्ति पत्र (Fake Appointment Letter) जारी किए गए थे। ठगों ने बड़ी चतुराई से शिक्षा विभाग के हूबहू दिखने वाले लेटरहेड और सील का उपयोग कर 11 अभ्यर्थियों को जॉइनिंग लेटर थमा दिए थे, लेकिन स्कूलों के प्राचार्यों की सतर्कता के कारण यह जालसाजी पकड़ी गई।

मामला तब प्रकाश में आया जब कुछ 'नवनियुक्त' शिक्षक अपने नियुक्ति पत्र लेकर संबंधित स्कूलों में कार्यभार ग्रहण करने पहुँचे। प्राचार्यों ने जब इन पत्रों की जांच की और जिला शिक्षा कार्यालय (DEO) के रिकॉर्ड से मिलान किया, तो पता चला कि विभाग द्वारा ऐसी कोई नई भर्ती या आदेश जारी ही नहीं किया गया है। पत्रों पर किए गए हस्ताक्षर और डिस्पैच नंबर पूरी तरह से फर्जी पाए गए। इसके बाद तुरंत विभाग में हड़कंप मच गया और उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दी गई।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ठगों ने इन 11 बेरोजगार युवाओं से नौकरी दिलाने के नाम पर मोटी रकम वसूली थी। उन्हें यह विश्वास दिलाया गया था कि उनकी सीधी भर्ती आत्मानंद स्कूल प्रबंधन के माध्यम से की गई है। जब अभ्यर्थी स्कूल जॉइन करने पहुँचे, तब उन्हें अहसास हुआ कि वे एक बड़े गिरोह का शिकार हो चुके हैं। दुर्ग जिला शिक्षा अधिकारी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए हैं और पुलिस में एफआईआर (FIR) दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इस खुलासे के बाद शिक्षा विभाग ने अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि स्वामी आत्मानंद स्कूलों में सभी नियुक्तियां निर्धारित प्रक्रिया और आधिकारिक विज्ञापनों के माध्यम से ही की जाती हैं। किसी भी व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से नियुक्ति पत्र नहीं भेजा जाता। विभाग ने अपील की है कि नौकरी के नाम पर किसी भी बिचौलिए या संदिग्ध व्यक्ति को पैसे न दें और केवल आधिकारिक वेबसाइट पर जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें। पुलिस अब उन ठगों की तलाश में जुट गई है जिन्होंने विभाग के फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर युवाओं को ठगा है।






