दुर्ग/अमलेश्वर: दुर्ग पुलिस के 'नशे के खिलाफ युद्ध' अभियान के तहत अमलेश्वर थाना पुलिस ने एक चौंकाने वाली कार्रवाई की है। पुलिस ने एक 62 वर्षीय बुजुर्ग को अपने ही घर से अवैध रूप से गांजा बेचते हुए गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पुलिस को चकमा देने के लिए गांजे को अपने सोने के पलंग (बेड) के ऊपर और गद्दों के नीचे छिपाकर रखा था। बरामद गांजे की कुल कीमत लगभग 65,000 रुपये आंकी गई है।
अमलेश्वर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि क्षेत्र का एक बुजुर्ग व्यक्ति अपने घर में संदिग्ध गतिविधियां संचालित कर रहा है और वहां युवाओं का आना-जाना लगा रहता है। इस सूचना पर पुलिस टीम ने सादे कपड़ों में घेराबंदी कर घर पर अचानक दबिश दी। तलाशी के दौरान जब पुलिस बेडरूम में पहुँची, तो वहां पलंग के पास रखी बोरियों और चादरों के बीच भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ।
कार्रवाई के मुख्य विवरण:
जब्ती: पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लगभग 5 किलो से अधिक गांजा और बिक्री के लिए तैयार छोटी-छोटी पुड़िया बरामद की हैं।
बिक्री का तरीका: आरोपी घर के भीतर ही पुड़िया बनाकर ग्राहकों को बेचता था, ताकि बाहर किसी को भनक न लगे।
आरोपी की पहचान: पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उससे गांजे के मुख्य स्रोत (सप्लायर) के बारे में पूछताछ की जा रही है।
दुर्ग एसपी ने बताया कि जिले में नशे के सौदागरों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। विशेषकर रिहायशी इलाकों में अवैध रूप से नशा बेचने वालों पर पैनी नजर रखी जा रही है। आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट (स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम) के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है।
अमलेश्वर के स्थानीय निवासियों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है, क्योंकि रिहायशी इलाके में इस तरह के अवैध कारोबार से आसपास के युवाओं और वातावरण पर बुरा असर पड़ रहा था। पुलिस अब इस चैन के अन्य कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।








