रायपुर पुलिस ने सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित करने और दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के उद्देश्य से शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ एक सघन विशेष अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत शहर के विभिन्न चौक-चौराहों और मुख्य मार्गों पर पुलिस ने नाकेबंदी की और वाहनों की सघन जांच की। इस कार्रवाई का मुख्य लक्ष्य उन वाहन चालकों को चिन्हित करना था, जो नशे की हालत में वाहन चलाकर न केवल अपनी, बल्कि दूसरों की जान भी जोखिम में डालते हैं।
पुलिस की इस मुहिम में बड़ी सफलता हाथ लगी है। ब्रेथ एनालाइजर (Breath Analyzer) मशीन का उपयोग करते हुए पुलिस ने जांच की, जिसमें 151 वाहन चालक शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए। इन सभी चालकों के खिलाफ यातायात नियमों के उल्लंघन के तहत सख्त कार्रवाई की गई है। पुलिस ने न केवल मौके पर जुर्माना काटा, बल्कि कई वाहनों को भी जब्त करने की प्रक्रिया पूरी की, ताकि सड़क पर सुरक्षित वातावरण बना रहे।
सड़क हादसों के आंकड़ों पर नजर डालें तो इनमें से एक बड़ा हिस्सा नशे में गाड़ी चलाने के कारण होता है। रायपुर पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान आगे भी अनवरत जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि नशे में गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी और दोबारा पकड़े जाने पर ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने जैसी कठोर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
पुलिस ने रायपुर के नागरिकों से अपील की है कि वे सुरक्षित ड्राइविंग के नियमों का पालन करें और 'ड्रिंक एंड ड्राइव' से बचें। यातायात विभाग का स्पष्ट संदेश है कि सुरक्षा आपकी जिम्मेदारी है और लापरवाही बरतने पर कानून का डंडा सख्त होगा। इस कार्रवाई से शहर भर के वाहन चालकों में हड़कंप है और उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी।







