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खेती की नई उड़ान: अब सहकारी समितियों से मिलेगी ड्रोन स्प्रेयर सुविधा, 50 हजार एकड़ में होगा छिड़काव

बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ में कृषि को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में किसानों के लिए ड्रोन स्प्रेयर सेवा की शुरुआत कर दी गई है। जिले की पांच प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से अब किसानों को ड्रोन से उर्वरक और कीटनाशकों के छिड़काव की सुविधा मिलेगी। योजना का शुभारंभ राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने नवीन कृषि उपज मंडी परिसर में किया।

शुभारंभ कार्यक्रम में प्रशिक्षित ड्रोन पायलटों ने ड्रोन स्प्रेयर का लाइव प्रदर्शन किया। इस दौरान ड्रोन के जरिए कम समय में अधिक क्षेत्र में सटीक छिड़काव, रसायनों के संतुलित उपयोग और श्रम व लागत में कमी जैसे लाभों की जानकारी किसानों को दी गई। विभाग ने इस वर्ष ड्रोन के माध्यम से 50 हजार एकड़ कृषि भूमि में छिड़काव का लक्ष्य निर्धारित किया है।
राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि आधुनिक तकनीक अपनाने से किसानों की उत्पादकता बढ़ेगी और खेती अधिक लाभकारी बनेगी। उन्होंने कहा कि ड्रोन तकनीक से खेतों में सीधे जाने की जरूरत कम होगी, जिससे फसलों को नुकसान भी नहीं होगा। साथ ही 'ड्रोन दीदी' जैसी पहल से ग्रामीण महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास के नए अवसर भी तैयार होंगे।
उन्होंने किसानों से रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाने की अपील भी की। उनका कहना था कि जैविक खेती से मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त होता है।
फिलहाल बलौदाबाजार, कसडोल, बया, गिर्रा (पलारी) और दामाखेड़ा (सिमगा) की पांच सहकारी समितियों में कुल 11 ड्रोन उपलब्ध कराए गए हैं। किसान अपनी संबंधित समिति में जाकर छिड़काव के लिए आवेदन कर सकेंगे। निर्धारित तिथि पर ड्रोन पायलट मशीन के साथ खेत पहुंचेगा और किसान को केवल खाद या कीटनाशक उपलब्ध कराना होगा। सेवा के लिए प्रति एकड़ निर्धारित शुल्क लिया जाएगा।
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि जिले की सभी सहकारी समितियां अब पूरी तरह कंप्यूटरीकृत हो चुकी हैं और सीएससी तथा मिनी बैंक के रूप में भी कार्य कर रही हैं। माइक्रो एटीएम सुविधा शुरू होने से किसानों को छोटे लेनदेन के लिए बैंक नहीं जाना पड़ेगा।
इस मौके पर खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 17 समिति प्रबंधकों और 10 कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। साथ ही नौ किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के चेक और दो किसानों को लर्निंग लाइसेंस भी वितरित किए गए।







