Breaking
- Road Accident News: NH-130 पर ट्रैक्टर की टक्कर से बाइक सवार दो युवकों की मौत...
- फोन पर बेटी को परेशान करने से रोका तो भड़का युवक, टांगी से वार कर प्रेमिका की...
- Crime News: ट्रैक्टर चलाने के बहाने युवक को ले गए, तालाब किनारे लहूलुहान मिला...
- Farmer Success: मछली पालन, मुर्गी पालन और बागवानी से युवा किसान ने बदली खेती ...
- Education News: ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ में शिक्षकों का सम्मान, राज्यपाल रमेन...
- बहतराई स्टेडियम में दिखा तीजा तिहार का रंग, मुख्यमंत्री साय ने बहनों संग मनाय...
- Bilaspur Sports News: 845 खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम, 3800 अंकों के साथ बिलासप...
- Road News: बदहाल सड़क ने रोकी रफ्तार, शिक्षक दिवस कार्यक्रम में दो घंटे देर स...
- Security News: पुष्पपाल के जंगल में मिला नक्सली डंप, पिस्टल-वॉकी-टॉकी समेत वि...
- Crime News: बच्चों को डराकर जेवर-कैश लेने का आरोप, महिला और पति पर केस; 11 वर...
Education News: ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ में शिक्षकों का सम्मान, राज्यपाल रमेन डेका ने कहा- समय और परिश्रम सफलता की कुंजी

बिलासपुर, 6 सितंबर 2026। शिक्षक दिवस के अवसर पर एसईसीएल-डीएवी पब्लिक स्कूल, वसंत विहार, बिलासपुर में ‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका शामिल हुए। इस दौरान शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय और उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को अलग-अलग श्रेणियों में सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षकों के योगदान, अनुभवों के आदान-प्रदान और शिक्षा में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

इंटरनेट और तकनीक का सही इस्तेमाल जरूरी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि जीवन में समय का सही उपयोग बेहद महत्वपूर्ण है। आज इंटरनेट और तकनीक का दौर है, जहां बच्चों और युवाओं के सामने ज्ञान और सूचनाओं के अनेक माध्यम उपलब्ध हैं। ऐसे में जरूरी है कि युवा तकनीक का सदुपयोग करें और अपने समय को सही दिशा में लगाकर लक्ष्य की ओर आगे बढ़ें।
उन्होंने विद्यार्थियों को मेहनत और निरंतर प्रयास का संदेश देते हुए कहा कि सफलता के लिए कोई शॉर्टकट नहीं होता। चुनौतियों से घबराने के बजाय उनका सामना करते हुए लगातार आगे बढ़ना चाहिए।
आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी
राज्यपाल ने भारतीय शिक्षा परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राचीन समय में गुरुकुल व्यवस्था के माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ संस्कार और जीवन-मूल्य भी दिए जाते थे। वर्तमान समय में शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव आया है, लेकिन आधुनिक शिक्षा के साथ संस्कार, मूल्य और जिम्मेदारी की भावना को बनाए रखना भी आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि परिवार और शिक्षक मिलकर बच्चों के व्यक्तित्व और भविष्य को आकार देते हैं। शिक्षक की भूमिका केवल पाठ्यक्रम पढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि वे समाज में जागरूक और जिम्मेदार नागरिक तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
बच्चों में देशभक्ति की भावना विकसित करने पर जोर
राज्यपाल ने बच्चों में देशभक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों में राष्ट्र के प्रति समर्पण और जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी तो देश को जागरूक और जिम्मेदार नागरिक मिलेंगे।
उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों से भी जीवन को सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ जीने की अपील की। जीवन में प्राप्त चीजों के प्रति संतोष और कृतज्ञता का भाव रखते हुए वर्तमान को बेहतर तरीके से जीने का संदेश दिया।
उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षक सम्मानित
‘द्रोणाचार्य संगम-2026’ में शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। राज्यपाल ने सम्मानित शिक्षकों के समर्पण और उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की।
कार्यक्रम में एसईसीएल और डीएवी के बीच शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग और साझेदारी को भी महत्वपूर्ण बताया गया। आयोजन को शिक्षकों के सम्मान के साथ-साथ उनके अनुभव साझा करने और शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्यों को प्रोत्साहित करने की पहल के रूप में देखा गया।
कार्यक्रम में संभागायुक्त सुनील जैन, कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसईसीएल के डायरेक्टर बिरंची दास, हिमांशु जैन, एसईसीएल के अधिकारी-कर्मचारी, डीएवी प्रबंधन, विभिन्न प्रोजेक्ट स्कूलों के प्रतिनिधि, शिक्षक-शिक्षिकाएं, विद्यार्थी और अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।






