नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क: प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के तहत करोड़ों लोगों को मुफ्त और कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाती है, लेकिन कई बार लाभार्थियों को अस्पताल पहुंचने के बाद भी इस सुविधा से वंचित रहना पड़ता है। इसकी सबसे बड़ी वजह होती है आयुष्मान कार्ड में की गई छोटी‑छोटी गलतियां।
धुंधली फोटो बन सकती है बड़ी परेशानी
आयुष्मान कार्ड में लगी फोटो यदि साफ नहीं है, चेहरा स्पष्ट नहीं दिखता या फोटो बहुत पुरानी है, तो अस्पताल में वेरिफिकेशन के दौरान दिक्कत आती है। ऐसे मामलों में अस्पताल कैशलेस इलाज देने से मना कर सकता है।
गलत जानकारी से भी रुक सकता है इलाज
सिर्फ फोटो ही नहीं, बल्कि कार्ड में नाम की स्पेलिंग, जन्मतिथि, जेंडर या आधार से जुड़ी जानकारी गलत होने पर भी मरीज का इलाज रोका जा सकता है। कई बार सिस्टम में डाटा मैच न होने से क्लेम रिजेक्ट हो जाता है।
कैसे सुधारें आयुष्मान कार्ड की गलती
अगर आपके कार्ड में कोई भी गलती है, तो उसे आसानी से सुधारा जा सकता है—
नजदीकी CSC (कॉमन सर्विस सेंटर) पर जाकर
आयुष्मान मित्र डेस्क से मदद लेकर
मोबाइल या कंप्यूटर से ऑनलाइन e‑KYC अपडेट करके
सुधार के लिए आधार कार्ड और मोबाइल नंबर का होना जरूरी है, क्योंकि सत्यापन OTP के जरिए किया जाता है।
इलाज से मना किया जाए तो क्या करें
अगर सभी दस्तावेज सही होने के बावजूद अस्पताल कैशलेस इलाज नहीं देता है, तो लाभार्थी सरकारी हेल्पलाइन या शिकायत पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकता है। शिकायत के बाद मामले की जांच की जाती है और जरूरत पड़ने पर अस्पताल पर कार्रवाई भी होती है।

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