Breaking
- आपसी विवाद में खूनी संघर्ष, चाकूबाजी में एक युवक की मौत और दूसरा घायल, आरोपी ...
- Chhattisgarh Weather Update: छत्तीसगढ़ में लुढ़का पारा, अंबिकापुर में न्यूनतम...
- छत्तीसगढ़ के नगर सैनिकों को मिलने जा रहा बड़ा तोहफा, अब बढ़कर 30,870 रुपये हो...
- उद्घाटन से पहले ही रायपुर-विशाखापत्तनम भारतमाला हाईवे में पड़ी दरारें, गुणवत्...
- Mata Hasi Devi 200th Jayanti: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने रायपुर में जारी कि...
- दीपावली से पहले मिठाइयों की दुकानों पर खाद्य विभाग का छापा, फ्रीजर बंद मिलने ...
- Courtesy Meeting: राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने मुख्यमंत्री वि...
- बस्तर के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में 12 दिन पहले शुरू हुआ सफारी सत्र, पर...
- Dussehra Celebration : बिलाईगढ़ के ऐतिहासिक राजशाही दशहरा उत्सव में शामिल हुए...
- Police Commemoration Day : छत्तीसगढ़ में शांति और सुरक्षा के लिए वीर जवानों क...
आबकारी मामले में बंद कैदी की अस्पताल में मौत: रायगढ़ मेडिकल कॉलेज में तोड़ा दम, परिजनों ने पुलिसिया कार्रवाई पर उठाए सवाल

रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला जेल से एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मामला सामने आया है, जहां जेल में बंद एक विचाराधीन बंदी (कैदी) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक कैदी की पहचान संजय बघेल के रूप में की गई है, जो रायगढ़ के ग्राम नवापारा का निवासी था। जेल के भीतर युवक की मौत की खबर जैसे ही उसके परिवार तक पहुंची, परिजनों के सब्र का बांध टूट गया और उन्होंने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। परिजनों ने स्थानीय पुलिस और जेल प्रशासन पर जेल के भीतर बेरहमी से मारपीट करने का संगीन आरोप लगाते हुए मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक संजय बघेल पिछले कुछ दिनों से अवैध आबकारी (शराब) से जुड़े एक मामले में रायगढ़ जिला जेल में न्यायिक रिमांड पर बंद था। जेल प्रबंधन के मुताबिक, अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे तत्काल इलाज के लिए रायगढ़ मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान आज उसने दम तोड़ दिया। हालांकि, मौत की वजह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
इस पूरे मामले में मृतक के पिता प्यारेलाल ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर बेहद गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। पिता प्यारेलाल का कहना है कि तीन दिन पहले स्थानीय पुलिस ने उनके बेटे संजय और उसके एक दोस्त को शराब बेचने के आरोप में हिरासत में लिया था। आरोप है कि पुलिस ने संजय के साथी से 40 हजार रुपये की रिश्वत लेकर उसे मौके से ही छोड़ दिया, लेकिन उनके बेटे संजय को केस दर्ज कर जेल भेज दिया।
पिता ने रोते हुए आरोप लगाया कि पुलिस और जेल के भीतर उनके बेटे के साथ बर्बरतापूर्वक मारपीट की गई थी, जिसके कारण अंदरूनी चोटें आईं और उसकी जान चली गई। पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन और मानवाधिकार आयोग से इस कथित कस्टोडियल डेथ (हिरासत में मौत) की न्यायिक जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों व जेल प्रहरियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की गुहार लगाई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अस्पताल और प्रभावित इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है।







