रायपुर, 9 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित 'दीदी के गोठ' वार्षिकोत्सव-2026 एवं संकुल स्तरीय संगठन सम्मेलन में महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। इस अवसर पर उन्होंने 'दीदी के गोठ' कॉफी टेबल बुक, 'बिहान वाणी' त्रैमासिक पत्रिका और 'मोर गांव मोर पानी' पुस्तक का विमोचन किया तथा सफलता की प्रेरक कहानियां साझा करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 'दीदी के गोठ' कार्यक्रम महिलाओं के लिए प्रेरणा, नवाचार और आत्मनिर्भरता का सशक्त मंच बन चुका है। पिछले एक वर्ष में इसके 12 एपिसोड प्रसारित हुए हैं, जिनके माध्यम से हजारों महिलाओं तक स्वरोजगार, आजीविका और सफलता की कहानियां पहुंची हैं।
उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं आज ड्रोन दीदी, कृषि सखी, पशु सखी, ऑर्गेनिक खेती, बकरी पालन, फैंसी स्टोर, कैटरिंग और अन्य व्यवसायों के जरिए आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक महिलाओं को लखपति से करोड़पति दीदी बनाना है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने दुर्ग जिले की लखपति दीदी विद्या निषाद से वर्चुअल संवाद किया। विद्या ने बताया कि बिहान समूह के सहयोग से उन्होंने अपना व्यवसाय शुरू किया और आज प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये से अधिक की आय अर्जित कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 70 लाख महिलाओं को हर महीने एक-एक हजार रुपये की सहायता राशि दी जा रही है। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में 11 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं और प्रतिदिन करीब 1600 नए आवास बनाए जा रहे हैं।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि 'दीदी के गोठ' महिलाओं के लिए ज्ञान और प्रेरणा का मंच बन चुका है। वहीं महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण ही विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत की मजबूत नींव है।
कार्यक्रम में स्व-सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई गई, जहां मुख्यमंत्री ने महिलाओं से संवाद कर उनके नवाचारों की जानकारी ली और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।







