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आस्था और आक्रोश का संगम: 50 किमी की 'दंडवत यात्रा' से हिला प्रशासन, मवेशी बाजार बंद करने की मांग

Chhattisgarh 27 April 2026 (24)

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छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले में एक अनूठा और कठिन प्रदर्शन देखने को मिला है, जिसने स्थानीय प्रशासन को सोचने पर मजबूर कर दिया है। अपनी मांगों को लेकर अड़े लोगों ने 50 किलोमीटर लंबी 'दंडवत यात्रा' शुरू की है। इस यात्रा के जरिए प्रदर्शनकारी सड़क पर लेटकर (दंडवत होकर) अपनी बात सरकार तक पहुँचाने की कोशिश कर रहे हैं।

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क्या है मुख्य मांग?

प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग क्षेत्र में संचालित 'मवेशी बाजार' (Cattle Market) को तत्काल और स्थायी रूप से बंद करना है। उनका कहना है कि इस बाजार के संचालन से क्षेत्र में कई समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं और वे लंबे समय से इसे बंद कराने की मांग कर रहे हैं, जिसे अनसुना किया जा रहा था। इसी हताशा और संकल्प के साथ अब उन्होंने इस कठिन मार्ग को चुना है।

विरोध का स्वरूप

लंबी दूरी: प्रदर्शनकारी 50 किलोमीटर की लंबी दूरी दंडवत होकर तय कर रहे हैं, जो उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाता है।

जनसमर्थन: यात्रा में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए हैं, जिससे यह विरोध एक बड़े आंदोलन का रूप लेता दिख रहा है।

प्रशासन पर दबाव: इस अनोखे विरोध प्रदर्शन ने जिले में हड़कंप मचा दिया है। प्रशासन अब मामले की गंभीरता को देखते हुए सक्रिय हुआ है।

क्यों हो रहा है इतना आक्रोश?

स्थानीय निवासियों का तर्क है कि मवेशी बाजार के कारण होने वाली अव्यवस्थाओं से उनका जनजीवन प्रभावित हो रहा है। प्रशासन से कई बार गुहार लगाने के बाद भी जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो सेवादारों और स्थानीय लोगों ने इस कठोर रास्ता (दंडवत यात्रा) को अपनाया।

फिलहाल, कांकेर की सड़कों पर चल रही यह यात्रा चर्चा का केंद्र बनी हुई है। प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच इस मुद्दे पर बातचीत के क्या परिणाम निकलते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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