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Cyclonic Storm Alert Chhattisgarh: चक्रवाती तूफान के असर से छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने किसानों के लिए जारी की एडवाइजरी

बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में आगामी दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने किसानों के लिए मौसम आधारित विशेष कृषि सलाह (एडवाइजरी) जारी की है। वहीं, कृषि मंत्री रामविचार नेताम और कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने विभागीय अधिकारियों और मैदानी अमले को पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।

25 से 29 अक्टूबर तक भारी बारिश का अनुमान
भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, चक्रवात के असर से 25 अक्टूबर से ही प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां शुरू हो चुकी हैं, जो 29 अक्टूबर तक जारी रहेंगी। विशेष रूप से 28 एवं 29 अक्टूबर को प्रदेश के कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की चेतावनी दी गई है। बस्तर, दुर्ग, रायपुर और अन्य संभागों में लगातार बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
किसानों के लिए कृषि वैज्ञानिकों की मुख्य सलाह:
धान की कटाई रोकें: जिन खेतों में धान, दलहन और तिलहन की फसलें पक चुकी हैं, किसान आगामी दो से चार दिनों तक कटाई का कार्य स्थगित रखें।
फसलों को सुरक्षित करें: जिन किसानों ने कटाई शुरू कर दी है, वे अपनी कटी हुई फसलों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं।
जल निकासी की व्यवस्था: खेतों में अतिरिक्त पानी के भराव से फसल को बचाने के लिए जल निकासी के पुख्ता इंतजाम करें।
कीटनाशकों का छिड़काव टालें: फसलों में रोग या कीट दिखने पर मौसम साफ होने के बाद ही दवा का छिड़काव करें।
रबी बुवाई में सावधानी: रबी फसलों की बुवाई करने वाले किसान अब नवंबर के पहले सप्ताह से बुवाई शुरू करें।
सब्जी उत्पादकों और पशुपालकों के लिए निर्देश
वैज्ञानिकों ने लता वाली सब्जियों (जैसे करेला, लौकी) और केले के पौधों को बांस या अन्य माध्यमों से सहारा देने की सलाह दी है। इसके अलावा पशुपालकों से अपील की गई है कि वे अपने पशुओं को खुले में या पेड़ों के नीचे बांधने से बचें और उन्हें सुरक्षित व सूखे स्थानों पर रखकर चारे-पानी की पर्याप्त व्यवस्था करें।






