छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में साइबर अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वे कानून के रखवालों को भी अपना शिकार बनाने से नहीं चूक रहे हैं। शहर के पॉश इलाके सिविल लाइन थाना क्षेत्र में साइबर ब्लैकमेलिंग और 'सेक्सटॉर्शन' (Sextortion) का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ अज्ञात शातिर अपराधियों ने एक स्थानीय वकील को जाल में फंसाकर उन्हें बदनाम करने की साजिश रची। इस हाई-प्रोफाइल मामले के उजागर होने के बाद से ही शहर के कानूनी गलियारे और पुलिस महकमे में खलबली मच गई है।
अश्लील वीडियो भेजकर ₹50 हजार की रंगदारी
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, अज्ञात आरोपियों ने पहले पीड़ित वकील से संपर्क साधा और फिर उन्हें एक अश्लील वीडियो भेजकर डराना-धमकाना शुरू कर दिया। अपराधियों ने धमकी दी कि यदि उन्होंने उनकी मांग पूरी नहीं की, तो वे इस अश्लील वीडियो को इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल कर देंगे, जिससे उनका पूरा करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा बर्बाद हो जाएगी। इस बदनामी से बचने के एवज में आरोपियों ने वकील से तत्काल ₹50,000 की मोटी रकम की मांग (रंगदारी) कर डाली।
सिविल लाइन थाने में एफआईआर दर्ज, सायबर सेल एक्टिव
शुरुआती घबराहट के बाद पीड़ित वकील ने अपराधियों के सामने झुकने के बजाय कानून का रास्ता चुना और मामले की पूरी जानकारी सिविल लाइन थाना पुलिस को दी। पुलिस ने पीड़ित की लिखित शिकायत पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आईटी एक्ट और डराने-धमकाने की विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तकनीकी जांच के लिए सायबर सेल की मदद ली जा रही है, जो आरोपियों के फोन नंबर और डिजिटल फुटप्रिंट्स को ट्रैक कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।






