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छत्तीसगढ़ CSMCL ओवरटाइम घोटाला: 182 करोड़ के महाघोटाले में पहली चार्जशीट पेश, अनवर ढेबर समेत 12 आरोपी कोर्ट में हाजिर

छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) मैनपावर ओवरटाइम भुगतान घोटाले में जांच एजेंसियों ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो और एंटी करप्शन ब्यूरो (EOW/ACB) ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सोमवार को रायपुर स्थित माननीय विशेष न्यायालय में अपना पहला अभियोग पत्र (चार्जशीट) दाखिल कर दिया है। करीब 182.98 करोड़ रुपए के इस कथित महाघोटाले में जांच एजेंसी ने चर्चित कारोबारी अनवर ढेबर सहित कुल 12 लोगों को मुख्य आरोपी बनाते हुए कोर्ट के समक्ष पेश किया।

विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस पूरे खेल में प्लेसमेंट एजेंसियों और अधिकारियों की मिलीभगत से मैनपावर के नाम पर फर्जी और अत्यधिक ओवरटाइम दिखाकर सरकारी खजाने को भारी चपत लगाई गई थी। ईओडब्ल्यू और एसीबी की टीम पिछले काफी समय से इस वित्तीय अनियमितता के दस्तावेजी सबूत जुटाने में लगी थी। सोमवार को कोर्ट में पेश की गई पहली चार्जशीट में इन सभी आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत, गवाहों के बयान और बैंक लेन-देन के डिजिटल रिकॉर्ड्स को शामिल किया गया है, जो इस 182 करोड़ के भ्रष्टाचार की कड़ियों को जोड़ते हैं।
अदालत परिसर में चार्जशीट पेश किए जाने के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। अनवर ढेबर और अन्य सह-आरोपियों की पेशी को लेकर कानूनी और राजनीतिक गलियारों में भारी गहमा-गहमी देखी गई। ईओडब्ल्यू के अधिकारियों का कहना है कि यह इस घोटाले में पहली चार्जशीट है और मामले की विस्तृत विवेचना अभी भी जारी है। आने वाले दिनों में कुछ अन्य रसूखदार अधिकारियों और प्लेसमेंट कंपनी के संचालकों के खिलाफ पूरक चार्जशीट (सप्लीमेंट्री चार्जशीट) भी दाखिल की जा सकती है, जिससे इस घोटाले से जुड़े कई और चौंकाने वाले चेहरे बेनकाब हो सकते हैं।







