NV News- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के चंगोराभाठा इलाके से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ आधुनिकता और सोशल मीडिया के प्रति बढ़ते क्रेज ने एक परिवार को खत्म कर दिया। विपणन विभाग में पदस्थ कर्मचारी की आठ महीने पहले हुई संदिग्ध मौत का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि उसकी हत्या उसकी अपनी पत्नी और 15 वर्षीय नाबालिग बेटी ने की थी। हत्या का कारण केवल इतना था कि मृतक अक्सर अपनी पत्नी और बेटी को घर के काम छोड़कर घंटों तक रील्स (Reels) देखने और बनाने के लिए टोकता था। इसी बात से तंग आकर दोनों ने उसे रास्ते से हटाने की साजिश रची।
पुलिस जांच के अनुसार, वारदात वाली रात मृतक और आरोपियों के बीच रील देखने को लेकर जमकर विवाद हुआ था। गुस्से में आकर मां और बेटी ने मिलकर व्यक्ति का गला घोंट दिया। हत्या को प्राकृतिक मौत साबित करने के लिए उन्होंने शोर नहीं मचाया और अगले दिन हार्ट अटैक का बहाना बनाकर गुपचुप तरीके से अंतिम संस्कार भी कर दिया। इतना ही नहीं, शातिर पत्नी ने पति की मौत का फायदा उठाते हुए विभाग से अनुकंपा नियुक्ति भी हासिल कर ली और पिछले कुछ महीनों से नौकरी कर रही थी।
आठ महीने तक यह राज दफन रहा, लेकिन पुलिस को मृतक के कुछ रिश्तेदारों और तकनीकी साक्ष्यों के जरिए शक हुआ। जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो मां और बेटी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। रायपुर पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि नाबालिग बेटी को बाल सुधार गृह भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। इस घटना ने पूरे शहर को स्तब्ध कर दिया है और यह सबक दिया है कि सोशल मीडिया का बढ़ता नशा किस कदर रिश्तों के खून का प्यासा होता जा रहा है।







