छत्तीसगढ़ के बस्तर में अंधविश्वास की काली छाया ने एक बार फिर खूनी खेल खेला है। जगदलपुर के ग्रामीण इलाके में जादू-टोना के संदेह ने इतना उग्र रूप ले लिया कि दो सगे भाइयों ने मिलकर अपने ही गांव के एक व्यक्ति की नृशंस हत्या कर दी। आरोपियों को यकीन था कि मृतक उनके परिवार पर 'किया-कराया' कर रहा था, जिसके चलते उन्होंने कानून हाथ में लेकर इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया।
पुलिस की शुरुआती तफ्तीश के मुताबिक, आरोपियों ने मृतक पर अचानक हमला किया, जिससे उसे संभलने का मौका तक नहीं मिला। गांव में इस घटना के बाद से ही सन्नाटा और दहशत का माहौल है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने शव को कब्जे में लेकर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह रंजिश लंबे समय से पनप रही थी, जिसे अंधविश्वास ने हिंसक मोड़ दे दिया।
यह घटना प्रशासन के उन तमाम दावों पर सवालिया निशान लगाती है, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों से अंधविश्वास मिटाने की बातें कही जाती हैं। बस्तर जैसे संवेदनशील इलाकों में 'टोना-टोटका' के शक में होने वाली हिंसा को रोकने के लिए सामाजिक जागरूकता की भारी कमी नजर आ रही है। फिलहाल, पुलिस इस मामले में सख्त कानूनी धाराओं के तहत कार्रवाई कर रही है ताकि समाज में कड़ा संदेश जाए।








