छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। रामानुजनगर क्षेत्र में चोरी के संदेह में एक दंपत्ति को भीड़ द्वारा निशाना बनाया गया। न केवल उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित किया गया, बल्कि जूतों की माला पहनाकर और अर्धनग्न अवस्था में पूरे गांव में घुमाया गया। कानून को अपने हाथ में लेने वाली इस भीड़ ने सभ्य समाज की मर्यादाओं को तार-तार कर दिया। इस दौरान गांव के लोग तमाशबीन बने रहे, जबकि दंपत्ति अपनी बेइज्जती के आंसू बहाते रहे।
यह घटना न केवल जघन्य है, बल्कि यह कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। किसी पर शक होने पर उसे सजा देने का अधिकार किसी को भी नहीं है, लेकिन इस मामले में भीड़ ने खुद ही न्यायाधीश और जल्लाद बनकर दंपत्ति को शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना दी। इस तरह की घटनाएं समाज में बढ़ती असहिष्णुता और भीड़तंत्र (mob justice) के बढ़ते खतरे को दर्शाती हैं, जहाँ इंसानियत को भूलकर लोग क्रूरता पर उतारू हो जाते हैं।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस ने इस मामले में तत्काल संज्ञान लेते हुए आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून को अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने ग्रामीणों से भी अपील की है कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध स्थिति होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें, न कि खुद कानून व्यवस्था को अपने नियंत्रण में लेने का प्रयास करें।

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