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दूषित पानी बना जानलेवा खतरा: उल्टी-दस्त ही नहीं, किडनी और लीवर को भी पहुंचा सकता है गंभीर नुकसान

इंदौर: शहर में दूषित पेयजल को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि गंदे और बैक्टीरिया युक्त पानी का सेवन केवल उल्टी-दस्त जैसी तात्कालिक बीमारी तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका असर लंबे समय तक शरीर के अंदरूनी अंगों पर भी पड़ सकता है। खासतौर पर किडनी और लीवर इससे गंभीर रूप से प्रभावित हो सकते हैं।

कैसे शरीर में नुकसान पहुंचाते हैं बैक्टीरिया
दूषित पानी में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया और परजीवी पेट के रास्ते शरीर में प्रवेश कर आंतों में संक्रमण फैलाते हैं। शुरुआत में दस्त, उल्टी, पेट दर्द और बुखार जैसे लक्षण सामने आते हैं, लेकिन यदि समय पर इलाज न हो तो यही संक्रमण धीरे-धीरे शरीर के अन्य अंगों तक पहुंच सकता है।
लंबे समय तक सेवन से बढ़ता खतरा
डॉक्टरों के अनुसार लगातार दूषित पानी पीने से शरीर में टॉक्सिन जमा होने लगते हैं। इससे किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और उसका कामकाज प्रभावित हो सकता है। वहीं लीवर पर भी बुरा असर पड़ता है, जिससे लीवर इंफेक्शन, सूजन और गंभीर मामलों में लीवर फेल होने तक की आशंका रहती है।
बच्चों और बुजुर्गों के लिए ज्यादा जोखिम
कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग, जैसे छोटे बच्चे और बुजुर्ग, दूषित पानी से सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। बच्चों में इससे शारीरिक विकास रुक सकता है, जबकि बुजुर्गों में पहले से मौजूद बीमारियां और गंभीर हो सकती हैं।
अस्पतालों में बढ़ रहे मरीज
शहर के अस्पतालों में पेट से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि अधिकांश मामलों में दूषित पानी ही बीमारी की मुख्य वजह सामने आ रही है।
क्या करें, कैसे बचें
पीने का पानी हमेशा उबालकर या फिल्टर करके ही इस्तेमाल करें
बाहर का खुला या संदिग्ध पानी पीने से बचें
उल्टी, दस्त, बुखार या कमजोरी होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें
जागरूकता ही बचाव
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि स्वच्छ पानी की व्यवस्था और लोगों की जागरूकता ही इस समस्या से बचाव का सबसे बड़ा उपाय है। थोड़ी-सी लापरवाही भी गंभीर बीमारी का कारण बन सकती है।







