RRT News Delhi: केंद्र की एनडीए (NDA) सरकार की नीतियों को चौतरफा घेरने के लिए मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने अब तक की सबसे बड़ी और आक्रामक मैदानी जंग की तैयारी कर ली है। राजधानी दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के मुख्यालय 'इंदिरा भवन' में आज आयोजित एक बेहद महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय बैठक में देशव्यापी आंदोलन का खाका खींचा गया। बैठक में तय किया गया है कि देश में बढ़ती बेकाबू महंगाई, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले पेपर लीक कांड, चुनावों में कथित सीट चोरी, रिकॉर्ड तोड़ बेरोजगारी, किसानों के लिए खाद-बीज की किल्लत और देश में पसरी आर्थिक मंदी जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर कांग्रेस ब्लॉक स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक एक विशाल और अनवरत प्रदर्शन करेगी।
यह महत्वपूर्ण सांगठनिक बैठक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में पार्टी के शीर्ष रणनीतिकार और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल, राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, वरिष्ठ नेता जयराम रमेश और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सहित देशभर के सभी राष्ट्रीय महासचिव, राज्यों के प्रभारी तथा सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटियों (PCC) के अध्यक्ष मुख्य रूप से मौजूद रहे। बैठक के दौरान सभी राज्यों के प्रभारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की राजनीतिक और जमीनी स्थितियों की रिपोर्ट आलाकमान के सामने रखी, जिसके बाद सरकार को संसद से लेकर सड़क तक घेरने की संयुक्त रणनीति पर अंतिम मुहर लगाई गई।
बैठक के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि देश का युवा आज बेरोजगारी और बार-बार होने वाले पेपर लीक से पूरी तरह टूट चुका है, वहीं आम गृहणियां और गरीब परिवार कमरतोड़ महंगाई के कारण भुखमरी की कगार पर हैं। कृषि प्रधान राज्यों में किसानों को समय पर खाद और उत्तम बीज नहीं मिल पा रहे हैं। इन तमाम जनविरोधी नीतियों के खिलाफ अब खामोश नहीं बैठा जा सकता। पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आगामी दिनों में सभी प्रदेश मुख्यालयों और जिला केंद्रों में उग्र प्रदर्शन किए जाएंगे, जिसमें पार्टी के तमाम दिग्गज नेता खुद सड़कों पर उतरकर आम जनता की आवाज बुलंद करेंगे। इस देशव्यापी आंदोलन की घोषणा के बाद से ही देश का सियासी पारा पूरी तरह से गरमा गया है।







