जशपुर: 'सुशासन तिहार' के दौरान मुख्यमंत्री का एक बेहद ही अलग और ऊर्जावान अंदाज़ देखने को मिला। प्रशासनिक व्यस्तताओं और दौरों के बीच मुख्यमंत्री अचानक बच्चों के बीच खेल के मैदान में उतर गए और उनके साथ क्रिकेट खेला। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर और उन्हें बल्लेबाज़ी करते देख नन्हे खिलाड़ी और वहाँ मौजूद ग्रामीण उत्साह से भर गए। खेल के दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल पिच पर हाथ आज़माया, बल्कि बच्चों के साथ आत्मीय समय बिताकर उनका हौसला भी बढ़ाया।
मैदान में पहुँचते ही मुख्यमंत्री ने हाथ में बल्ला थामा और बच्चों की गेंदों पर सधे हुए शॉट लगाए। उन्होंने खेल-खेल में बच्चों को अनुशासन और टीम भावना का महत्व समझाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में पढ़ाई के साथ-साथ खेल भी बहुत ज़रूरी हैं, क्योंकि खेल हमें चुनौतियों का सामना करना और हार-जीत को समान भाव से स्वीकार करना सिखाते हैं। इस दौरान उन्होंने बच्चों से उनकी खेल सुविधाओं और भविष्य के सपनों के बारे में भी चर्चा की।
मुख्यमंत्री के क्रिकेट खेलने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं। लोगों ने मुख्यमंत्री की इस सहजता की सराहना की है कि कैसे वे प्रोटोकॉल और सुरक्षा घेरे से निकलकर बच्चों के साथ खुलकर घुल-मिल गए। मुख्यमंत्री के इस अंदाज़ ने यह संदेश दिया कि प्रदेश की सरकार न केवल विकास कार्यों की निगरानी कर रही है, बल्कि खेल और युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए भी प्रतिबद्ध है।








