रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ को कुपोषण मुक्त बनाने और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार के लिए सभी संबंधित विभागों के समन्वित प्रयासों पर जोर दिया है। बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में यूनिसेफ की भारत प्रतिनिधि सिंथिया मैककैफ्रे के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और बच्चों के समग्र विकास को लेकर व्यापक चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ माताएं और स्वस्थ बच्चे ही विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव हैं। उन्होंने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा आदिम जाति विकास विभाग को यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से संयुक्त और परिणामोन्मुख कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इस रणनीति का उद्देश्य शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर और कुपोषण में प्रभावी कमी लाना होगा।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से ऐसी मल्टी-सेक्टोरल कार्यप्रणाली विकसित करने को कहा, जिससे स्वास्थ्य और पोषण संबंधी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे तथा बच्चों के पोषण स्तर में गुणात्मक सुधार सुनिश्चित हो सके।
इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने यूनिसेफ की भारत प्रतिनिधि सिंथिया मैककैफ्रे का शॉल और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान 'नंदी' भेंट कर स्वागत किया। वहीं मैककैफ्रे ने भारत में यूनिसेफ के 75 वर्ष पूरे होने पर भारतीय डाक विभाग द्वारा जारी विशेष स्मारक डाक टिकट मुख्यमंत्री को भेंट किया।
यूनिसेफ की प्रतिनिधि सिंथिया मैककैफ्रे ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध संस्कृति वाला प्रदेश है। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य सरकार और यूनिसेफ के संयुक्त प्रयासों से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और बाल संरक्षण के क्षेत्र में बेहतर परिणाम हासिल होंगे और प्रदेश के बच्चों का भविष्य अधिक सुरक्षित एवं स्वस्थ बनेगा।







