छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने "ऑपरेशन सिंदूर" की पहली वर्षगांठ के अवसर पर भारतीय सेना के पराक्रम और अदम्य साहस को नमन किया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर अपनी पोस्ट के जरिए देश के वीर सैनिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि यह अभियान महज एक सैन्य कार्रवाई नहीं थी, बल्कि यह बदलते और 'नए भारत' की अटूट इच्छाशक्ति और निर्णायक शक्ति का प्रतीक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज का भारत आतंकवाद को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त करने वाला नहीं है।
मुख्यमंत्री ने एक साल पहले की उस घटना को याद किया जब पहलगाम में सीमा पार से आए आतंकियों ने देश की शांति को भंग करने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि उस घिनौने हमले ने पूरे राष्ट्र को झकझोर दिया था, लेकिन भारतीय सेना ने जिस वीरता के साथ उसका मुंहतोड़ जवाब दिया, उसने इतिहास में शौर्य का एक नया स्वर्णिम अध्याय लिख दिया है। सीएम साय ने स्पष्ट संदेश दिया कि दुश्मन की हर चुनौती का जवाब अब उसी की भाषा में और दोगुने संकल्प के साथ दिया जा रहा है।
इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री ने शहीद जवानों के बलिदान को याद करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा के लिए हमारे सैनिकों का समर्पण हर भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है। सरकार और पूरा देश उन परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है जिन्होंने देश की सुरक्षा के लिए अपने प्रियजनों को खोया है। सीएम साय के इस बयान को आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति और सुरक्षा बलों के प्रति अटूट विश्वास के रूप में देखा जा रहा है।







