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दिल्ली के भारत मंडपम में गूंजा छत्तीसगढ़ का नाम: सीएम विष्णु देव साय बोले- मोदी सरकार के 12 वर्ष आदिवासी उत्थान और नक्सलमुक्ति का स्वर्णकाल

Chhattisgarh RRT News Desk 10 June 2026

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RRT News New Delhi: देश की राजधानी नई दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भव्य 'भारत मंडपम' में आयोजित एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के सफल और परिवर्तनकारी 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस विशेष बैठक में देश भर के प्रमुख नीति-निर्माताओं और राजनेताओं ने शिरकत की। इस मंच से देश को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस ऐतिहासिक कार्यकाल के लिए पूरे छत्तीसगढ़ की ओर से बधाई दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बीते 12 वर्ष देश के जनजातीय (आदिवासी) समाज के सम्मान, स्वाभिमान, सशक्तिकरण और चहुंमुखी विकास के लिए इतिहास में एक 'स्वर्णकाल' के रूप में दर्ज हो चुके हैं।

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में छत्तीसगढ़ के परिदृश्य पर बात करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच और गृह मंत्रालय की मजबूत व प्रभावी रणनीति के कारण ही छत्तीसगढ़ को दशकों पुरानी और दंश झेल रही नक्सल समस्या से अब निर्णायक मुक्ति मिल रही है। नक्सल हिंसा से सबसे ज्यादा प्रताड़ित होने वाला हमारा जनजातीय समुदाय अब भयमुक्त होकर शांति, सुरक्षा और विकास के एक नए युग में कदम रख चुका है। बस्तर के अंदरूनी इलाकों में 'नियद नेल्ला नार' (आपका अच्छा गांव) और 'बस्तर मुन्ने' (आगे बढ़ता बस्तर) जैसे जमीनी अभियानों के जरिए सरकारी योजनाओं को सैचुरेशन मोड (शत-प्रतिशत लाभ) में लागू किया जा रहा है। सबसे खास बात यह है कि वनांचलों में स्थापित किए गए सुरक्षा बलों के शिविरों को अब केवल गश्त तक सीमित न रखकर 'सेवा डेरा' के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा और राशन की सुविधाएं मिल रही हैं।

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार की बड़ी उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने आदिवासी समाज को देश के पटल पर एक नई पहचान दी है। भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिवस को राष्ट्रीय स्तर पर 'जनजातीय गौरव दिवस' के रूप में घोषित करना हो या 'धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान' की शुरुआत, इन कदमों ने आदिवासी क्षेत्रों के विकास की रफ्तार को दोगुना कर दिया है। इसके साथ ही देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर पहली जनजातीय महिला राष्ट्रपति के रूप में द्रौपदी मुर्मु का आसीन होना, करोड़ों आदिवासियों के आत्मगौरव का प्रतीक है। 'पीएम जनमन योजना' के जरिए राज्य की विशेष पिछड़ी जनजातियों (PVTGs) के सुदूर बसाहटों तक पहली बार बिजली, पक्की सड़क, स्वच्छ पेयजल और पक्के आवास जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंची हैं।

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि राज्य की भाजपा सरकार जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के लिए पूरी तरह समर्पित है। इसी दिशा में नवा रायपुर में अत्याधुनिक ट्राइबल म्यूजियम तथा शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय संग्रहालय का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे राज्य स्तरीय खेल आयोजनों ने वैश्विक मंच पर हिंसा-मुक्त और मुस्कुराते हुए बस्तर की एक नई व सकारात्मक तस्वीर पेश की है। इसके अतिरिक्त राज्य में पेसा (PESA) कानून का प्रभावी क्रियान्वयन, लघु वनोपज की रिकॉर्ड समर्थन मूल्य पर खरीदी, कृषक उन्नति योजना के तहत धान का ₹3100 प्रति क्विंटल दाम और प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत छत्तीसगढ़ के 2 करोड़ 45 लाख जरूरतमंद लोगों को मिल रहा मुफ्त राशन सीधे तौर पर ग्रामीण व आदिवासी अर्थव्यवस्था की रीढ़ को मजबूत कर रहा है। मुख्यमंत्री ने अंत में संकल्प जताया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में 'विकसित छत्तीसगढ़' से 'विकसित भारत' के सपने को हर हाल में पूरा किया जाएगा।

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