रायपुर। बस्तर के विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। चित्रकोट जलप्रपात से करीब 500 मीटर दूर तीरथ गांव में लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक टेंट सिटी विकसित की जाएगी। इस परियोजना को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत तैयार किया जाएगा।
मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित सार्वजनिक निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति (PPPAC) की बैठक में इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में परियोजना की वित्तीय रूपरेखा और पर्यटन विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की गई।
पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रस्तावित टेंट सिटी में पर्यटकों के लिए आधुनिक आवास सुविधाओं के साथ एडवेंचर एक्टिविटी, डेस्टिनेशन वेडिंग और कॉन्फ्रेंस हॉल जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इससे चित्रकोट आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिलेगा।
मुख्य सचिव विकासशील ने निर्देश दिए कि चित्रकोट जलप्रपात और उसके आसपास के क्षेत्र को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित करने के लिए व्यापक मास्टर प्लान तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि चित्रकोट देश के प्रमुख जलप्रपातों में शामिल है और यहां टेंट सिटी बनने से पूरे वर्ष पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
बैठक में वित्त विभाग के सचिव रोहित यादव, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव एस. भारतीदासन, पर्यटन मंडल के प्रबंध संचालक विवेक आचार्य सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।







