छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के युवाओं के कौशल विकास और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की है। इस पहल के तहत प्रदेश के प्रतिभावान युवाओं को देश के प्रतिष्ठित होटल समूहों जैसे ओबेरॉय और हयात में प्रशिक्षण और कार्य करने का सुनहरा मौका मिलेगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रशासन का लक्ष्य पर्यटन और हॉस्पिटालिटी क्षेत्र में युवाओं को दक्ष बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है, जिससे न केवल उनका भविष्य संवरेगा बल्कि प्रदेश की पहचान भी राष्ट्रीय पटल पर मजबूत होगी।
इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को विशेष रूप से 'कस्टमर सर्विस', 'फूड एंड बेवरेज', 'हाउसकीपिंग' और 'फ्रंट ऑफिस ऑपरेशंस' जैसे क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा। चयन प्रक्रिया के बाद चुने गए अभ्यर्थियों को इन बड़े संस्थानों के अनुभवी विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में काम करने का अनुभव प्राप्त होगा। सरकार की इस योजना से उन युवाओं को विशेष लाभ मिलेगा जो आर्थिक कारणों से महंगे होटल मैनेजमेंट कोर्स नहीं कर पाते थे, क्योंकि यहाँ उन्हें सीखने के साथ-साथ करियर बनाने का सीधा मार्ग मिलेगा।
प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को न केवल तकनीकी ज्ञान दिया जाएगा, बल्कि उनके व्यक्तित्व विकास (Personality Development) और संचार कौशल (Communication Skills) पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। ओबेरॉय ग्रुप जैसे संस्थान अपने विशेष 'स्टेप' (STEP) और 'राइज' (RISE) कार्यक्रमों के माध्यम से पहले भी युवाओं को प्रशिक्षित करते रहे हैं, और अब छत्तीसगढ़ सरकार के साथ मिलकर यह पहल स्थानीय युवाओं के लिए एक बड़े लॉन्चपैड का काम करेगी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सफल उम्मीदवारों को इन्हीं संस्थानों या अन्य प्रतिष्ठित होटलों में आकर्षक वेतन पर नौकरी मिलने की प्रबल संभावना है।
राज्य के कौशल विकास विभाग और पर्यटन विभाग इस परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए निजी क्षेत्र के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इसके तहत जिला स्तर पर विशेष शिविर और काउंसलिंग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं ताकि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के युवाओं तक इसकी जानकारी पहुँच सके। अधिकारियों का मानना है कि छत्तीसगढ़ में पर्यटन की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए स्थानीय युवाओं का इस तरह के बड़े ब्रांड्स के साथ जुड़ना राज्य के सेवा क्षेत्र (Service Sector) के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
इस अवसर का लाभ उठाने के लिए इच्छुक युवाओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होगा और साक्षात्कार के माध्यम से अपनी योग्यता सिद्ध करनी होगी। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा है कि सरकार उनके हुनर को तराशने के लिए प्रतिबद्ध है। यह पहल न केवल पलायन को रोकने में मदद करेगी बल्कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को वैश्विक स्तर की कार्यशैली से परिचित कराएगी, जिससे वे भविष्य में स्वयं के उद्यम भी स्थापित कर सकेंगे।








