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छत्तीसगढ़ के 1000 वीआईपी; आस्था और विरासत के संगम को हरी झंडी दिखाएंगे सीएम साय

छत्तीसगढ़ की पावन धरा से देश की सांस्कृतिक अखंडता को मजबूत करने के लिए एक बेहद अनोखा और भव्य कदम उठाया जा रहा है। सूबे के 1000 चुनिंदा और प्रतिष्ठित नागरिक गुजरात में स्थित प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ के दर्शन के लिए एक विशेष ट्रेन से रवाना होने जा रहे हैं। 'सोमनाथ स्वाभिमान सांस्कृतिक यात्रा' के नाम से शुरू हो रहे इस पांच दिवसीय महा-आयोजन की शुरुआत 22 जून को सुबह ठीक 9 बजे रायपुर रेलवे स्टेशन से होगी। इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने और यात्रियों का हौसला बढ़ाने के लिए स्वयं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे और ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। कार्यक्रम की कमान धार्मिक न्यास एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के हाथों में होगी।

यह पूरा आयोजन केवल एक साधारण धार्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा पूरे देश में चलाए जा रहे 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' का एक मुख्य हिस्सा है। इस सफर की सबसे खास बात यह है कि इसमें जाने वाले यात्री कोई आम मुसाफिर नहीं, बल्कि राज्य के विभिन्न जिलों से चुने गए पद्म पुरस्कार विजेता, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर नाम कमा चुके कलाकार, जाने-माने साहित्यकार, प्रबुद्ध बुद्धिजीवी, समाजसेवी और जनप्रतिनिधि हैं। ये सभी विशिष्ट लोग अपने साथ छत्तीसगढ़ की विभिन्न पवित्र जगहों की मिट्टी और यहां की जीवनदायिनी नदियों का जल लेकर जा रहे हैं, जिसे सोमनाथ धाम में अर्पित कर वे भारत की अनेकता में एकता का संदेश देंगे।
22 से 26 जून तक चलने वाले इस सफर के दौरान इन कलाधर्मियों और प्रबुद्धजनों को सोमनाथ मंदिर के दिव्य दर्शनों के अलावा वहां आयोजित होने वाली विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों, कला यात्राओं और ऐतिहासिक स्थलों के भ्रमण का मौका मिलेगा। छत्तीसगढ़ का संस्कृति विभाग इस पूरी यात्रा का प्रबंधन देख रहा है और यात्रियों के स्वास्थ्य परीक्षण से लेकर सुरक्षा तक की तमाम तैयारियां मुस्तैदी से पूरी कर ली गई हैं। यह गरिमामयी यात्रा छत्तीसगढ़ की लोक कला, परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर को राष्ट्रीय पटल पर एक नई पहचान देने और युवा पीढ़ी में भारतीय मूल्यों के प्रति गर्व का भाव जगाने का काम करेगी।







