छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के शहरी बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में 'छत्तीसगढ़ शहरी गैस वितरण नीति-2026' को औपचारिक मंजूरी दे दी गई है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में घरेलू, वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं को सुरक्षित, किफायती और निरंतर स्वच्छ ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित करना है। अब लोगों को भारी-भरकम एलपीजी सिलेंडर के आने-जाने और बुकिंग के झंझट से मुक्ति मिलेगी और सीधे किचन में लगे मीटर के जरिए गैस की सप्लाई होगी।
इस नई नीति के तहत रायपुर, दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर और कोरबा जैसे बड़े शहरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का नेटवर्क बिछाने के काम में तेजी आएगी। सरकार ने इसके लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाया है, जिससे गैस वितरण कंपनियों को पाइपलाइन बिछाने के लिए 'राइट ऑफ वे' (RoW) यानी रास्ता देने की अनुमति आसानी से मिल सकेगी। नीति में प्रावधान किया गया है कि शहरी निकायों और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए ताकि सड़कों की खुदाई और मरम्मत का काम समय सीमा के भीतर पूरा हो सके।
शहरी गैस वितरण नीति-2026 न केवल आम जनता के लिए सुविधाजनक है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी बड़ा कदम है। सीएनजी (CNG) और पीएनजी (PNG) का बढ़ता उपयोग कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मदद करेगा। साथ ही, पाइपलाइन से मिलने वाली गैस एलपीजी सिलेंडरों की तुलना में सस्ती होने की उम्मीद है, जिससे मध्यम वर्गीय परिवारों के बजट को राहत मिलेगी। आने वाले कुछ महीनों में रायपुर के प्रमुख रिहायशी इलाकों में इसके पहले चरण का विस्तार देखने को मिल सकता है।







