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Chhattisgarh Urban Development News: शहरों में सुविधाएं तेज करने के निर्देश, 4 शहरों में दौड़ेंगी 240 ई-बसें

रायपुर, 8 सितंबर 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की समीक्षा बैठक में शहरों के विकास कार्यों को गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरी विकास केवल सड़क और भवन निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि नागरिकों को शुद्ध पेयजल, स्वच्छता, बेहतर सड़क, प्रकाश व्यवस्था और सुगम सार्वजनिक परिवहन जैसी सुविधाएं समय पर मिलनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को योजनाओं और निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों में तेजी के साथ गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
38 नगरीय निकायों में बन रहे नालंदा परिसर
युवाओं को आधुनिक अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश के 38 नगरीय निकायों में नालंदा परिसर निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इनमें 31 परिसरों का निर्माण वर्तमान में प्रगतिरत है।
मुख्यमंत्री ने निर्माणाधीन परिसरों के काम में तेजी लाकर उन्हें जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने रायपुर में निर्माणाधीन नालंदा परिसर की प्रगति के साथ वहां प्रस्तावित सीटों और सुविधाओं की भी जानकारी ली।
14 नगर निगमों में अधोसंरचना विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने नगरोत्थान योजना की समीक्षा करते हुए शहरों की भविष्य की जरूरतों के अनुसार अधोसंरचना विकसित करने को कहा। योजना के तहत प्रदेश के 14 नगर निगमों में मुख्य सड़कों का चौड़ीकरण, बाईपास, फ्लाईओवर, सर्विस लेन और अंडरपास जैसे कार्य किए जा रहे हैं।
वहीं नागरिक-केंद्रित और व्यवस्थित शहरी विकास के लिए आदर्श शहर समृद्धि योजना शुरू की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसके लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और 32 नगरीय निकायों का चयन किया गया है।
स्वच्छता और हरित क्षेत्र बढ़ाने के निर्देश
बैठक में 15वें वित्त आयोग की राशि से सड़क, नाली, प्रकाश, जलप्रदाय, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और वायु गुणवत्ता सुधार से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गई।
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में रायपुर को 189 अंक के साथ देश में छठा स्थान मिलने पर मुख्यमंत्री ने नगर निगम और विभागीय टीम को बधाई दी। उन्होंने शहरों में उद्यान विकसित करने और कम हरित क्षेत्र वाले इलाकों को चिन्हित कर व्यापक वृक्षारोपण के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने प्रत्येक नगरीय निकाय में ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने की दिशा में भी काम करने को कहा।
पात्र परिवारों को जल्द मिले प्रधानमंत्री आवास
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 1.0 और 2.0 की समीक्षा करते हुए स्वीकृत आवासों, निर्माण, आवंटन और व्यवस्थापन की जानकारी ली। उन्होंने पात्र हितग्राहियों को जल्द पक्के मकान उपलब्ध कराने के लिए आवंटन और व्यवस्थापन की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में 240 ई-बसें
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा की तैयारियों की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में कुल 240 ई-बसें संचालित करने की तैयारी की जा रही है। आवश्यक अधोसंरचना से जुड़े कार्य मार्च 2027 से पहले पूरे कर ई-बस सेवा शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित निर्माण कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ई-बसें नागरिकों को आधुनिक और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने के साथ पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था को भी बढ़ावा देंगी।
अमृत मिशन के धीमे काम पर नाराजगी
अमृत मिशन 2.0 की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने नगरीय क्षेत्रों में शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति को प्राथमिकता बताते हुए लंबित कार्यों को मिशन मोड में पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण में आधुनिक तकनीक और बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ स्लम रिडेवलपमेंट और लैंड मोनेटाइजेशन की दिशा में भी योजनाबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
800 करोड़ से 8 निकायों में CBG प्लांट
बैठक में बताया गया कि स्वच्छ और सतत ईंधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश के 8 नगरीय निकायों में करीब 800 करोड़ रुपये की लागत से कम्प्रेस्ड बायो गैस (CBG) प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी विकास से जुड़ी योजनाओं का वास्तविक परिणाम जमीन पर दिखाई देना चाहिए। उन्होंने नियमित समीक्षा, निर्माण की गुणवत्ता की निगरानी और सभी स्वीकृत कार्यों को समय-सीमा में पूरा करने पर विशेष जोर दिया।
शिकायतों के त्वरित निराकरण और राजस्व बढ़ाने पर जोर
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में नगरीय प्रशासन से संबंधित शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को उनका संवेदनशीलता के साथ त्वरित और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने प्रॉपर्टी टैक्स के पुनरीक्षण और नगरीय निकायों के विद्युत देयकों की भी समीक्षा की। निकायों को बिजली बिलों का नियमित भुगतान करने और राजस्व एवं कर संग्रह बढ़ाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के निर्देश दिए। बेहतर कर संग्रह करने वाले नगरीय निकायों को प्रोत्साहित करने की व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक नीलेश महादेव क्षीरसागर, संयुक्त सचिव प्रभात मलिक, सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमित अग्रवाल सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।






