छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार और यातायात विभाग ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब प्रदेश भर में दुपहिया वाहन चलाने वाले व्यक्ति के साथ-साथ पीछे बैठने वाले (पिलियन राइडर) के लिए भी हेलमेट पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। यह नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। उच्च न्यायालय के निर्देशों और सड़क सुरक्षा समिति की सिफारिशों के बाद पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसपी को इस नियम का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश जारी किए हैं।
यातायात विभाग के आंकड़ों के अनुसार, सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में एक बड़ी संख्या उन लोगों की होती है जो हेलमेट नहीं पहनते, विशेषकर पीछे बैठने वाले यात्री जो अक्सर सिर में गंभीर चोट लगने के कारण जान गंवा देते हैं। नए नियमों के तहत, यदि पीछे बैठा व्यक्ति बिना हेलमेट के पाया जाता है, तो न केवल उस पर जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि चालक का ड्राइविंग लाइसेंस भी निलंबित किया जा सकता है। रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग जैसे बड़े शहरों में इसके लिए विशेष चेकिंग अभियान और 'नवा छत्तीसगढ़' सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल ISI मार्क वाला हेलमेट ही मान्य होगा। इस नियम से शुरुआती तौर पर आम जनता को थोड़ी असुविधा हो सकती है, लेकिन लंबी अवधि में यह जान-माल की रक्षा के लिए बेहद प्रभावी कदम माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जुर्माने का उद्देश्य पैसा कमाना नहीं, बल्कि लोगों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता लाना है। आने वाले दिनों में सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी पीछे बैठने वालों के हेलमेट की निगरानी की जाएगी और ई-चालान सीधे घर भेजे जाएंगे।







