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छत्तीसगढ़ में प्रशासनिक संकट: बीजेपी विधायक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आज से तहसीलदारों की अनिश्चितकालीन हड़ताल, ठप होंगे राजस्व कार्य

रायपुर। छत्तीसगढ़ में शासन और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बेहद गंभीर हो गई है। नायब तहसीलदार तुषार मानिक से मारपीट के मामले में मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से आक्रोशित प्रदेशभर के तहसीलदार और नायब तहसीलदार आज सोमवार (1 जून 2026) से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा रहे हैं। 'छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ' के आह्वान पर राज्य के सभी राजस्व अधिकारी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। इस बड़े आंदोलन के कारण प्रदेशभर में जमीन की रजिस्ट्री, नामांतरण, जाति-निवास प्रमाण पत्र और कानून व्यवस्था से जुड़े तमाम शासकीय कार्य पूरी तरह ठप होने की संभावना है।

संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि इस गंभीर घटना के विरोध में बीते 29 मई को भी पूरे प्रदेश में सामूहिक अवकाश लेकर शांतिपूर्ण ढंग से विरोध दर्ज कराया गया था। उस दौरान प्रशासन और सरकार से दोषियों, विशेषकर मामले में नामजद भाजपा विधायक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की गई थी। इसके बावजूद पुलिस और प्रशासन द्वारा अब तक कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की जा सकी है। मुख्य आरोपियों के खुलेआम घूमने के कारण राज्य के राजस्व अधिकारियों और कार्यपालिक मजिस्ट्रेटों (Executive Magistrates) में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
तहसीलदारों की इस अनिश्चितकालीन हड़ताल से आम जनता की परेशानियां बढ़ने वाली हैं। तहसील कार्यालयों में सन्नाटा पसरने की आशंका है, जिससे रोजाना सैकड़ों की संख्या में पहुंचने वाले ग्रामीण और किसान प्रभावित होंगे। संघ ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि जब तक नायब तहसीलदार से मारपीट करने वाले मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल नहीं भेजा जाता, तब तक कोई भी अधिकारी काम पर नहीं लौटेगा। अब देखना होगा कि इस प्रशासनिक गतिरोध को दूर करने के लिए राज्य सरकार क्या कदम उठाती है।







