छत्तीसगढ़ में सुशासन और पारदर्शिता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में 'सुशासन तिहार 2026' का भव्य शुभारंभ आज 1 मई से हो गया है। 10 जून तक चलने वाले इस प्रदेशव्यापी अभियान के तहत शासन सीधे जनता के द्वार तक पहुँचेगा। मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नागरिकों को अपने छोटे-छोटे कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, बल्कि प्रशासन खुद शिविर लगाकर मौके पर ही समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करे।
इस अभियान के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में 15-20 पंचायतों के क्लस्टर और शहरी क्षेत्रों में वार्डवार जन समस्या निवारण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में मुख्य रूप से राजस्व मामले (नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन), मनरेगा मजदूरी भुगतान, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, और आय-जाति प्रमाण पत्र जैसे मामलों को प्राथमिकता दी जा रही है। खास बात यह है कि अधिकांश आवेदनों का निराकरण अधिकतम एक माह के भीतर करने और पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही सरकारी योजनाओं का लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रशासनिक जवाबदेही तय करने के लिए मुख्यमंत्री स्वयं विभिन्न जिलों का औचक निरीक्षण करेंगे और सीधे जनता से फीडबैक लेंगे। इस दौरान मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को भी जमीनी हकीकत जानने के लिए शिविरों में मौजूद रहने को कहा गया है। 'सुशासन तिहार' केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि साय सरकार की 'सबका साथ, सबका विकास' की प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिससे राज्य के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी सेवाओं की पहुंच को सरल और पारदर्शी बनाया जा रहा है।

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