रायपुर। छत्तीसगढ़ के कटघोरा में बेटियों को आत्मरक्षा के साथ आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर देने के उद्देश्य से राज्य स्तरीय आवासीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर 2026 का शुभारंभ हुआ। मंगल भवन में आयोजित कार्यक्रम में वाणिज्य, उद्योग, श्रम एवं आबकारी मंत्री लखन लाल देवांगन शामिल हुए।
प्रदेश के अलग-अलग जिलों से पहुंची प्रतिभाशाली बेटियों का उत्साहवर्धन करते हुए मंत्री ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
आत्मरक्षा प्रशिक्षण से बढ़ता है आत्मविश्वास
मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि बेटियों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देना सिर्फ उनकी सुरक्षा तक सीमित नहीं है। इससे उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन, साहस और नेतृत्व क्षमता का भी विकास होता है।
उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बेटियां ही सुरक्षित, सशक्त और विकसित समाज की मजबूत नींव बन सकती हैं।
खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने पर सरकार का जोर
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार खेलों के विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार काम कर रही है। खेल अधोसंरचना विकसित करने, प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए विभिन्न पहल की जा रही हैं।
सरकार का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराना तथा उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है।
‘खेलो इंडिया’ से मिल रहा बेहतर मंच
मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार भी खेलो इंडिया जैसी पहल के माध्यम से खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने और खिलाड़ियों को आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों से खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की बेटियां खेल, शिक्षा, कला सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा साबित कर रही हैं। उचित प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिलने से वे देश के लिए उत्कृष्ट खिलाड़ी और जिम्मेदार नागरिक बन सकती हैं।
प्रतिभागियों को नई ऊर्जा देने का प्रयास
मंत्री ने विश्वास जताया कि राज्य स्तरीय आवासीय आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर में शामिल बेटियां जीवन की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करने, अनुशासित जीवन जीने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित होंगी।
उन्होंने जिला कुडो संघ के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर बेटियों को शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त बनाने के साथ उनके नेतृत्व कौशल को भी निखारते हैं।
कार्यक्रम में पार्षद नरेंद्र देवांगन, पार्षद जनक राजपूत, कुडो कराते संघ की अध्यक्ष सीता रजक सहित खिलाड़ी, प्रशिक्षक और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।








