RRT News- छत्तीसगढ़ में इस समय भीषण गर्मी और 'हीट वेव' का दौर चल रहा है, जिसने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। प्रदेश के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच चुका है, जिससे दोपहर के समय सड़कें सूनी नजर आ रही हैं। मौसम विभाग ने अगले 48 से 72 घंटों के लिए चेतावनी जारी की है, जिसमें तापमान में और 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना जताई गई है। रायपुर, दुर्ग, रायगढ़ और बस्तर सहित पूरे प्रदेश में लू चलने की स्थिति बनी हुई है।
इस भयंकर गर्मी का असर अब प्रशासनिक कार्यों और दैनिक गतिविधियों पर भी पड़ने लगा है। भीषण गर्मी के मद्देनजर कई प्रतियोगी परीक्षाओं की समय सारणी में भी बदलाव किया गया है ताकि परीक्षार्थियों को चिलचिलाती धूप से बचाया जा सके। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने नागरिकों को दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। लू से बचने के लिए शरीर में पानी की कमी न होने दें, ओआरएस (ORS) का सेवन करें और पर्याप्त तरल पदार्थों का उपयोग करें।
प्रशासन ने सभी जिलों में स्वास्थ्य केंद्रों को 'हीट स्ट्रोक' (लू लगने) के मरीजों के इलाज के लिए अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है। शहर में बढ़ते तापमान के कारण बिजली की खपत भी चरम पर है। नागरिकों से यह भी अनुरोध है कि वे खुले में काम करने वाले लोगों के प्रति संवेदनशील रहें और प्यासे पशु-पक्षियों के लिए घरों के बाहर पानी की व्यवस्था जरूर करें। यह भीषण गर्मी आने वाले कुछ दिनों तक और परेशान कर सकती है, इसलिए सतर्कता ही बचाव है।








