रायपुर: छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में जल्द ही बड़े प्रशासनिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। प्रदेश के कई जिलों में लंबे समय से खाली पड़े जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के पदों को भरने की प्रक्रिया तेज हो गई है। विभाग ने उन जिलों की सूची फाइनल कर ली है जहाँ अधिकारी रिटायर हो चुके हैं या पद रिक्त हैं। संभावना जताई जा रही है कि अगले दो से तीन दिनों के भीतर नई नियुक्तियों का आदेश जारी कर दिया जाएगा।
परफॉरमेंस के आधार पर होगा फेरबदल
इस बार की नियुक्तियां केवल खाली पदों को भरने तक सीमित नहीं हैं। सूत्रों के अनुसार, शासन इस बार 'परफॉरमेंस बेस्ड पोस्टिंग' पर जोर दे रहा है। बोर्ड परीक्षाओं के नतीजों और शैक्षणिक गुणवत्ता की समीक्षा के बाद, जिन जिलों का रिजल्ट उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा या जहाँ शैक्षणिक स्तर में गिरावट आई है, वहां के मौजूदा डीईओ को हटाया जा सकता है। विभाग ऐसे अधिकारियों को लूप लाइन में भेजने और ऊर्जावान नए चेहरों को मैदानी जिम्मेदारी सौंपने की तैयारी में है।
इन जिलों पर रहेगी नजर
प्राथमिकता के आधार पर उन जिलों को पहले भरा जाएगा जहाँ शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। बस्तर और सरगुजा संभाग के कुछ दूरस्थ जिलों सहित मैदानी इलाकों के भी कई बड़े जिलों में डीईओ के पद रिक्त हैं। नई पदस्थापना में वरिष्ठता और पिछले ट्रैक रिकॉर्ड को पैमाना बनाया जा रहा है। शासन का लक्ष्य है कि नए शिक्षा सत्र (2026-27) की शुरुआत से पहले सभी जिलों में कुशल प्रशासनिक नेतृत्व मौजूद हो, ताकि शैक्षणिक कैलेंडर का सुचारू पालन सुनिश्चित किया जा सके।
शिक्षा मंत्री के निर्देश पर एक्शन
स्कूल शिक्षा मंत्री ने हाल ही में विभाग की समीक्षा बैठक में रिक्त पदों को जल्द भरने और जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद से ही मंत्रालय स्तर पर सक्रियता बढ़ गई है। खराब रिजल्ट वाले डीईओ की छंटनी के संकेत मिलने से विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। इस कदम को राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और प्रशासनिक कसावट लाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।








