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Chhattisgarh Governance News: ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता की डिजिटल पहल को एक साल, QR कोड 7 लाख से ज्यादा बार स्कैन

रायपुर, 7 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को ग्राम पंचायत स्तर तक मजबूत करने के लिए शुरू की गई क्यूआर कोड आधारित सूचना प्रणाली ने एक वर्ष पूरा कर लिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शुरू की गई इस पहल के तहत प्रदेश की ग्राम पंचायतों में क्यूआर कोड प्रदर्शित किए गए हैं। इनके जरिए ग्रामीणों और आम नागरिकों को पंचायत क्षेत्र में योजना के अंतर्गत पिछले तीन वर्षों में कराए गए कार्यों, भुगतान और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां आसानी से उपलब्ध कराई जा रही हैं।

एक साल में 7 लाख से ज्यादा बार हुआ QR कोड स्कैन
इस डिजिटल पहल को ग्रामीणों और आमजन का अच्छा प्रतिसाद मिला है। पिछले एक वर्ष में ग्राम पंचायतों में प्रदर्शित क्यूआर कोड को 7 लाख से अधिक बार स्कैन किया गया। यानी औसतन प्रतिदिन 2 हजार से ज्यादा लोगों ने क्यूआर कोड के माध्यम से योजनाओं और पंचायत स्तर पर हुए कार्यों की जानकारी हासिल की।
इससे यह संकेत मिलता है कि सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। क्यूआर कोड के जरिए जरूरी जानकारी सीधे नागरिकों के मोबाइल फोन तक पहुंच रही है।
‘सूचना मांगने’ के बजाय ‘सूचना देखने’ की सुविधा
क्यूआर कोड व्यवस्था ने ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता और जवाबदेही को नया आयाम दिया है। ग्रामीण अब अपने क्षेत्र में योजना के तहत कराए गए कार्यों, उनके भुगतान और अन्य संबंधित विवरणों को स्वयं देख सकते हैं।
इस व्यवस्था से जानकारी प्राप्त करने के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम हुई है। नागरिक अब ‘सूचना मांगने’ के बजाय ‘सूचना देखने’ की सुविधा का उपयोग कर रहे हैं। सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी से सामाजिक निगरानी और जनभागीदारी को भी बढ़ावा मिला है।
RTI और शिकायतों पर भी पड़ा सकारात्मक प्रभाव
ग्राम पंचायत स्तर पर योजना संबंधी जानकारी आसानी से उपलब्ध होने का असर सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आने वाले आवेदनों और योजनाओं से जुड़ी शिकायतों पर भी देखने को मिला है। जानकारी सीधे उपलब्ध होने से ऐसे आवेदनों और शिकायतों में कमी आने का दावा किया गया है।
इससे प्रशासनिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और नागरिक-केंद्रित बनाने में मदद मिली है। साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन पर आमजन की निगरानी मजबूत हुई है।
मुख्यमंत्री एक्सीलेंस अवॉर्ड से सम्मानित हुआ नवाचार
क्यूआर कोड आधारित सूचना व्यवस्था की उपयोगिता और प्रभावशीलता को देखते हुए इस नवाचार को मुख्यमंत्री एक्सीलेंस अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया है। यह पहल तकनीक के माध्यम से ग्राम पंचायत स्तर तक सुशासन और पारदर्शिता पहुंचाने के प्रयास के रूप में सामने आई है।
‘जानकारी सबकी, निगरानी सबकी’ की ओर बढ़ता कदम
क्यूआर कोड व्यवस्था ने ग्राम पंचायतों से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाओं को आम नागरिकों के लिए अधिक सुलभ बनाया है। एक साल में 7 लाख से अधिक स्कैन इस बात को दर्शाते हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल माध्यम से सरकारी योजनाओं की जानकारी हासिल करने में लोगों की रुचि बढ़ रही है।
यह पहल पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी को मजबूत करने के साथ ही सुशासन की अवधारणा को जमीनी स्तर पर लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में तकनीक और जनभागीदारी के इस समन्वय से ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की निगरानी और सूचना की उपलब्धता को और मजबूत किया जा सकता है।






