Breaking

Political Controversy: राहुल गांधी को भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा 'जोकर', कांग्रेस का तीखा पलटवार, रायपुर में बढ़ी सियासी तपिश

Chhattisgarh 20 June 2026

post

रायपुर: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के छत्तीसगढ़ दौरे से ठीक पहले प्रदेश की राजनीतिक आबोहवा पूरी तरह गरमा गई है। आगामी 21 जून 2026 को राहुल गांधी राजधानी रायपुर पहुंच रहे हैं, जहां वे कांग्रेस के जिला अध्यक्षों और प्रमुख पदाधिकारियों के लिए आयोजित एक दिवसीय विशेष 'प्रशिक्षण शिविर' (Training Camp) में शामिल होंगे। हालांकि, उनके पैर रखने से पहले ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के नेताओं के बीच तीखी जुबानी जंग और व्यक्तिगत छींटाकशी का दौर शुरू हो गया है। रायपुर उत्तर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा द्वारा राहुल गांधी पर की गई एक विवादित टिप्पणी ने इस सियासी आग में घी का काम किया है।

Advertisement

दरअसल, मीडिया से चर्चा करते हुए भाजपा विधायक पुरंदर मिश्रा ने राहुल गांधी के रायपुर आगमन पर तंज कसते हुए उन्हें 'जोकर' (Joker) कह डाला। विधायक मिश्रा ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि "सर्कस दिखाने रायपुर आ रहे हैं।" उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी के दौरों से कांग्रेस को कोई राजनीतिक लाभ नहीं मिलता और उनका यह दौरा भी महज एक राजनीतिक तमाशा बनकर रह जाएगा। भाजपा के अन्य नेताओं ने भी इस सुर में सुर मिलाते हुए कहा कि कांग्रेस का यह तथाकथित प्रशिक्षण शिविर केवल गुटबाजी को छिपाने का एक असफल प्रयास है और जनता अब इनके बहकावे में आने वाली नहीं है।

भाजपा विधायक के इस बेहद आपत्तिजनक और विवादित बयान पर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भी पूरी आक्रामकता के साथ पलटवार किया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ताओं और वरिष्ठ नेताओं ने पुरंदर मिश्रा के बयान की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे भाजपा की 'बौखलाहट' करार दिया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश के करोड़ों लोगों की आवाज बन चुके राहुल गांधी के प्रति इस तरह की अभद्र भाषा का प्रयोग करना भाजपा की संकीर्ण मानसिकता और स्तरहीन राजनीति को दर्शाता है। कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि जोकर और सर्कस जैसी भाषा का इस्तेमाल करने वाले खुद अपनी पार्टी में हाशिए पर हैं और वे केवल सुर्खियों में बने रहने के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं।

कांग्रेस संगठन के पदाधिकारियों का कहना है कि 21 जून का यह दौरा छत्तीसगढ़ में जमीनी स्तर पर पार्टी को नए सिरे से मजबूत और री-स्ट्रक्चर करने की दिशा में एक बेहद अहम और मील का पत्थर साबित होने वाला कदम है। इस प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से पार्टी आगामी स्थानीय निकाय और अन्य सांगठनिक चुनौतियों के लिए अपने कार्यकर्ताओं को वैचारिक रूप से तैयार करेगी। बहरहाल, प्रदेश में जारी इस हाई-प्रोफाइल राजनीतिक उठापटक और दोनों ही प्रमुख दलों के बीच बढ़े इस तनाव ने रायपुर की सियासी हलचल को चरम पर पहुंचा दिया है।

You might also like!