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Chhattisgarh Development News: नीतिगत बदलावों से विकास को मिली रफ्तार, किसान, महिला, युवा और उद्योगों पर दिखा असर

रायपुर, 8 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में पिछले ढाई वर्षों के दौरान सरकार की ओर से किए गए नीतिगत बदलावों और जनकल्याणकारी फैसलों का असर विभिन्न क्षेत्रों में दिखाई देने लगा है। प्रशासनिक पारदर्शिता, सुशासन और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के साथ किसानों, महिलाओं, गरीबों और युवाओं से जुड़ी योजनाओं को गति दी गई है। वहीं उद्योग, शिक्षा, खनिज, डिजिटल गवर्नेंस और बस्तर के विकास को लेकर भी कई बड़े फैसले किए गए हैं।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने योजनाओं को केवल घोषित करने के बजाय उन्हें जमीन पर लागू करने के साथ व्यवस्था में बदलाव लाने वाले निर्णयों पर जोर दिया है। प्रधानमंत्री आवास, धान खरीदी, महिला सशक्तिकरण, बस्तर विकास और औद्योगिक निवेश जैसे क्षेत्रों में किए गए फैसलों को इसी दिशा का हिस्सा बताया गया है।
प्रधानमंत्री आवास से लाखों परिवारों को मिला लाभ
सरकार बनने के बाद पहली कैबिनेट में ही 18 लाख से अधिक जरूरतमंद परिवारों के लिए आवास स्वीकृत करने का निर्णय लिया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत अब तक 24.40 लाख आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं।
प्रदेश में औसतन करीब 1,600 आवास प्रतिदिन पूरे किए जा रहे हैं। पुराने और नए स्वीकृत आवासों को मिलाकर ढाई वर्षों में 11 लाख से अधिक घर हितग्राहियों को सौंपे जा चुके हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पक्के आवास की जरूरत पूरी करने की दिशा में तेजी आई है।
धान खरीदी से मजबूत हुई ग्रामीण अर्थव्यवस्था
किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए धान खरीदी को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का प्रमुख आधार बनाया गया। किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से धान बेचने की सुविधा दी गई।
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 25.24 लाख किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया। समर्थन मूल्य और कृषक उन्नति योजना को मिलाकर किसानों को करीब 43,723 करोड़ रुपये की राशि दी गई।
धान खरीदी व्यवस्था में ऑनलाइन टोकन, बायोमेट्रिक सत्यापन और रियल टाइम मॉनिटरिंग जैसे तकनीकी सुधारों से प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक और पारदर्शी बनाने पर जोर दिया गया।
महिला सशक्तिकरण बना सरकार की प्रमुख प्राथमिकता
महिला सशक्तिकरण को सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है। महतारी वंदन योजना के तहत 31 किस्तों में करीब 68 लाख पात्र महिलाओं को 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे बैंक खातों में दी जा चुकी है।
प्रदेश में 13.85 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। वहीं बिहान मिशन के तहत 31 लाख से अधिक गरीब परिवारों की महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़ी हैं।
महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से संपत्ति की रजिस्ट्री में पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत और स्टाम्प शुल्क में एक प्रतिशत की रियायत का भी प्रावधान किया गया है।
बस्तर में सुरक्षा के साथ विकास पर जोर
बस्तर में विकास को सरकार की महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है। नक्सलवाद के प्रभाव वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था के साथ विकास योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। ओरछा और जगरगुंडा जैसे क्षेत्रों में एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है।
बस्तर में करीब 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से 4,824 करोड़ रुपये की आजीविका उन्नयन योजना तैयार की गई है। दूरदराज के गांवों में सार्वजनिक परिवहन के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा शुरू की गई है। सड़क, पुल, मोबाइल नेटवर्क, उचित मूल्य दुकान, स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल और आंगनबाड़ी जैसी सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत 34 लाख से अधिक लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार किए जाने की जानकारी दी गई है। सरकार का लक्ष्य बस्तर की पहचान को संघर्ष से आगे बढ़ाकर शिक्षा, पर्यटन, आजीविका और उद्योग के नए अवसरों से जोड़ना है।
उद्योगों के लिए आसान हुई प्रक्रियाएं
औद्योगिक क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के साथ उद्योगों की स्थापना से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए कई सुधार किए गए हैं। राज्य में 450 से अधिक ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधार लागू किए गए हैं।
छत्तीसगढ़ को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट 2026 लागू करने वाला देश का पहला राज्य बताया गया है। जन विश्वास सुधारों के तहत 279 छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया गया है।
वन-क्लिक सिंगल विंडो व्यवस्था, सरल भूमि डायवर्जन और रजिस्ट्री के बाद स्वतः नामांतरण जैसे सुधारों से निवेश प्रक्रिया को आसान बनाने पर जोर दिया गया है।
नई औद्योगिक नीति से बड़े निवेश प्रस्ताव
नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू होने के बाद राज्य को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त होने की जानकारी दी गई है। इन प्रस्तावों से 1.72 लाख से अधिक संभावित रोजगार अवसर निर्मित होने का अनुमान है।
सरकार का फोकस निवेश आकर्षित करने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी है। उद्योगों के लिए प्रक्रियाओं को सरल करने और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में किए गए सुधारों को इसी व्यापक नीति का हिस्सा माना जा रहा है।
विकास की दिशा में नीतिगत बदलावों का असर
छत्तीसगढ़ में आवास, कृषि, महिला सशक्तिकरण, बस्तर विकास और औद्योगिक निवेश के साथ प्रशासनिक सुधारों को भी विकास की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। सरकार का जोर योजनाओं के लाभ को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और विकास कार्यों को अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने पर है।
इन नीतिगत बदलावों के जरिए राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने, ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में सुविधाओं का विस्तार करने और निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।






