गणतंत्र दिवस 2026 के शुभ अवसर पर छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग के लिए खुशियों की बड़ी सौगात आई है। केंद्र सरकार ने वीरता और विशिष्ट सेवाओं के लिए राज्य के 25 पुलिस अधिकारियों व जवानों के नाम पदकों के लिए घोषित किए हैं। इस सूची में सबसे प्रमुख नाम डीजी (जेल) हिमांशु गुप्ता का है, जिन्हें उनकी विशिष्ट सेवाओं के लिए 'राष्ट्रपति पुलिस पदक' से सम्मानित किया जा रहा है।
14 जांबाजों को वीरता पुरस्कार
राज्य के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों और कठिन ऑपरेशन्स में अदम्य साहस का परिचय देने वाले 14 पुलिसकर्मियों को 'वीरता पदक' (Gallantry Award) प्रदान किया जा रहा है। इन जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके इस सर्वोच्च साहस को अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
विशिष्ट और सराहनीय सेवाओं का संगम
कुल 25 पदकों में से, विशिष्ट सेवाओं के लिए 'राष्ट्रपति पुलिस पदक' (PPM) और सराहनीय सेवाओं के लिए 'पुलिस पदक' (PM) शामिल हैं। डीजी हिमांशु गुप्ता के अलावा प्रदेश के अन्य वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों और मैदानी अमले के कर्मियों को उनके बेदाग सेवा रिकॉर्ड और प्रशासनिक कौशल के आधार पर इस सम्मान के लिए चुना गया है।
पुलिस विभाग में उत्साह का माहौल
इस बड़ी घोषणा के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय (PHQ) में हर्ष का माहौल है। पुलिस महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने सम्मानित होने वाले सभी कर्मियों को बधाई दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में वीरता पुरस्कार मिलना यह दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ पुलिस नक्सलवाद के खिलाफ मोर्चे पर कितनी मुस्तैदी और बहादुरी से डटी हुई है।
सुरक्षा व्यवस्था को मिलेगा प्रोत्साहन
इन पुरस्कारों का वितरण गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में किया जाएगा। यह सम्मान न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह राज्य के उन हजारों पुलिसकर्मियों के मनोबल को भी बढ़ाएगा जो दिन-रात कानून व्यवस्था और जनसुरक्षा के लिए समर्पित हैं। यह राज्य की बेहतर होती कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग तकनीक का एक प्रमाण भी है।








